कोसली। नेहरूगढ़ गांव में करीब 15 साल पहले बनाया गया राजीव गांधी खेल परिसर बदहाल है। लगभग 7 एकड़ में फैला यह स्टेडियम न बिजली से रोशन है और न ही पानी की सुविधा से लैस है। ग्राउंड ऊबड़-खाबड़ हो चुका है और जगह-जगह झाड़ियां उगी हुई हैं।
ट्रैक की व्यवस्था न होने के कारण खिलाड़ी नियमित अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं जिससे खिलाड़ियों और अभिभावकों में नाराजगी है।गांव के सरपंच आशीष प्रजापति ने स्टेडियम में जल्द बिजली, पानी व ट्रैक की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। सरपंच ने बताया कि खेल परिसर की बदहाल स्थिति के कारण खिलाड़ी काफी परेशान हैं।
खिलाड़ी अंकुश, रोहित, हिमांशु, धर्मेंद्र, आशीष, प्रवेश, मनदीप, सोनू, दीपांशु, कौशल व चेतन ने बताया कि पानी के अभाव में टॉयलेट बंद पड़े हैं। खुद मेहनत कर मैदान की भी सफाई करनी पड़ती है। मांग है कि जल्द से जल्द यहां पर सुविधा बनाई जाए।
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स्टेडियम में बिजली कनेक्शन नहीं होने से रात के समय अंधेरा
ग्रामीणों ने बताया कि स्टेडियम में बिजली कनेक्शन नहीं होने से रात के समय अंधेरा रहता है जिससे चोरी का डर बना रहता है। बेटियों के लिए यह असुरक्षा की स्थिति पैदा करता है। वहीं पानी न होने से टॉयलेट अनुपयोगी पड़े हैं और नया बनाया जा रहा वॉलीबॉल ग्राउंड भी पानी के बिना अधूरा है। मुख्य गेट टूटा हुआ है और वाहन खड़े करने की कोई तय जगह नहीं है।
2008 में हुआ था निर्माण, 60 लाख हुए थे खर्च
वर्ष 2008 में करीब 60 लाख रुपये की लागत से इस स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। उसी समय इसमें सबमर्सिबल पंप भी लगाया गया था। निर्माण के बाद इसे खेल विभाग को सौंप दिया गया था लेकिन धीरे-धीरे रखरखाव के अभाव में यह जर्जर स्थिति में पहुंच गया।
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वर्जन:
बिजली निगम द्वारा ट्रांसफार्मर व टंकी तो लगा दी गई है लेकिन कनेक्शन अभी बाकी है। जल्द ही बिजली कनेक्शन करवाकर खिलाड़ियों की परेशानी दूर की जाएगी। -ममता, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी
नेहरूगढ़ स्थित राजीव गांधी खेल परिसर की बदहाल दशा। संवाद