संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के 397 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को अभिभावक अध्यापक बैठक (पीटीएम) हुई। इसमें बच्चों की पढ़ाई, खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों पर चर्चा की गई। शिक्षकों ने गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को दिए जाने वाले गृह कार्य की जानकारी दी।
शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष योजना बनाई है। इसके तहत बाल वाटिका से कक्षा 5वीं तक के बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में गृह कार्य के लिए रोचक गतिविधियां तय की गई हैं।
इसमें परिवार के सदस्यों को भी शामिल होना पड़ेगा, ताकि बच्चे का परिवार के प्रति भावनात्मक विकास विकसित हो सके। इस दौरान शिक्षकों ने सभी अभिभावकों को कार्य गतिविधियों का प्रोफार्मा भी दिया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहना है कि यह गतिविधियां करवाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों का बौद्धिक विकास करना है जिससे वे छुट्टियों में भी पढ़ाई की आदत से जुड़े रहें और स्कूल खुलने पर उनका मन पढ़ाई में पहले की भांति लगे।
निदेशालय ने बच्चों को दिए जाने वाले गृह कार्य गतिविधियों का प्रफोर्मा जारी किया है। पहले चरण में बच्चों को अभिभावक के साथ गतिविधियां करनी होगी। दूसरे चरण में बच्चों को परिवार के दस सदस्यों व रिश्तेदारों के नाम, उनसे रिश्ता, उनके मोबाइल नंबर याद करने होंगे।
यह जानकारी उन्हें लिखकर स्कूल ले जाना होगा। इसका उद्देश्य बच्चों का परिवार के प्रति जुड़ाव, जानकारी व उनका भावनात्मक विकास करना है। बच्चों को अपने परिवार के लोगों के आधार कार्ड, उनकी जन्मतिथि व आयु याद कर उसे नोटबुक में लिखना होगा।
तीसरे चरण में होंगी ये गतिविधियां
तीसरे चरण में बच्चों को घर का पता, मोहल्ले का नाम, डाकघर व पिन कोड नंबर की जानकारी लेकर नोट करनी होगी। चौथे चरण में बच्चों को राष्ट्रीय व राज्य नेतृत्व की जानकारी भी लेनी होगी। इसमें बच्चों को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व राज्यपाल का नाम याद करवाया जाएगा। यह जानकारी बच्चों को समाचार पत्र व इंटरनेट से उपलब्ध करवानी होगी। बच्चों को अपने लोकसभा, विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि सांसद, विधायक का नाम भी याद करना होगा।
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वर्जन:
जिले के सभी राजकीय प्राथमिक स्कूलों में पीटीएम हुई। पीटीएम में शिक्षकों ने बच्चों के बारे में अभिभावकों से चर्चा की। शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए आह्वान किया, ताकि स्कूल के साथ-साथ घरों पर भी बच्चों की पढ़ाई सुचारू हो सके।-चरण सिंह, जिला एफाएलएन समन्वयक