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साइबर ठगी के मामलों में बैंक संबंधित सभी डाटा उपलब्ध कराएं : डीएसपी

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फोटो: 14रेवाड़ी। बैठक में उप​स्थित जिला के बैंक प्रबंधक। स्रोत: पुलिस
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रेवाड़ी। डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ. रविन्द्र सिंह ने वीरवार को अपने कार्यालय लघु सचिवालय में बढ़ते साइबर अपराध के संबंध में जिले के सभी बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक की। बैठक में डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ. रविंद्र सिंह ने सभी बैंक प्रबंधकों को साइबर अपराधियों की ओर से अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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उन्होंने सभी बैंक मैनेजर को निर्देश देते हुए कहा कि सभी बैंक साइबर ठगी के मामलों में बैंक संबंधित सभी डाटा अनुसंधान अधिकारियों को समय पर उपलब्ध करवाए, ताकि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके। इस पर सभी बैंक मैनेजर ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही सभी बैंकों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित करके बैंक संबंधित सभी डाटा पुलिस विभाग को उपलब्ध करवा देंगे।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने पर पुलिस गोल्डन आवर्स की सीमा में काम करते हुए रिस्पाॅन्स टाइम को कम करने की दिशा में प्रयास कर रही है। इस कार्य में जितनी महत्वपूर्ण भूमिका पुलिस विभाग की है, उतनी ही बैंक कर्मियों की भी है, इसके लिए बैंकों व पुलिस विभाग में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए काम किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि साइबर अपराध होने पर दोनों एक टीम के रूप में काम करते हुए साइबर अपराध को प्रभावी ढंग से रोक सके।
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उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश देते हुए कहा कि बैंक आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार ई-केवाईसी को ठीक प्रकार से करें, ताकि फर्जी बैंक खाते न खोले जा सकें। उन्होंने कहा कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों की पालना अनिवार्य है। इसलिए सभी बैंक अधिकारी अपने बैंकों में इनकी पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी बैंक मैनेजर से कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए ग्राहकों को जागरूक करें और साइबर हेल्पलाइन-1930 की जानकारी अवश्य दें। साइबर हेल्पलाइन के लिए बैंक परिसर में साइन बोर्ड भी लगवाएं।
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बैंक की सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक दिशा निर्देश
- बैंक में लगा सेंसर अलार्म सही तरीके से कार्य करें।
- बैंक में 24 घंटे हथियार सहित गार्ड की तैनाती की जाए।
- बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे उच्च गुणवत्ता एवं चालू हालत में हो साथ ही कैमरा की रिकॉर्डिंग 90 दिन या उससे अधिक हो।
- बैंक का शटर गुप्त ताले से लैस हो और बैंक परिसर के शटर पर सेंट्रल लॉक लगा हो।
- बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन इस स्थिति में हो कि वह बैंक के अंदर व बाहर की रिकॉर्डिंग कर सके।
- बैंक में नकदी लाने व ले जाने की पर्याप्त प्रबंध हो।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया सिस्टम का संचालन सही प्रकार से हो रहा हो।
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