बिजली निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी। स्रोत : कर्मचारी
कोसली। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को कोसली यूनिट के कर्मचारियों ने बिजली निजीकरण, हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन और लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 से 13 अगस्त तक हरियाणा के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एचएसईबी वर्कर्स यूनियन से कृष्ण कुमार और एएचपीसी वर्कर यूनियन के यूनिट प्रधान शीशराम ने की। मंच संचालन एएफएम यूनिट के खजांची प्रमोद यादव, एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के सचिव सुरेंद्र सिंह और जयसिंह एएफएम ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण कर्मचारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं के हितों के भी विपरीत है। उन्होंने सरकार से बिजली निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने, हरियाणा एग्री डिस्कॉम को बंद करने तथा कर्मचारियों की लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की।
यूनिट प्रधान जयप्रकाश ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली क्षेत्र सार्वजनिक क्षेत्र में रहने से ही कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रह सकते हैं।