संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रामपुरा थाने में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने वीरवार को छापा डालकर एक ईएसआई को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ईएसआई त्रिदेव मामले में जांच अधिकारी था। इस मामले में टीम ईएसआई मनोज को भी अपने साथ ले गई। पूछताछ के बाद मनोज को छोड़ दिया। अब टीम ने त्रिदेव के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शहर के मोहल्ला कुतुबपुर निवासी संजू ने एसीबी को बताया था कि 9 माह पहले दीपावली पर रामपुरा थाना पुलिस ने उनके घर से पटाखे पकड़े थे। पुलिस ने पटाखे पकड़ने के साथ ही उन पर केस बना दिया था। इस मामले में वह अदालत में पेशी भी भुगत रहा है, लेकिन कुछ दिन पहले उनके पास रामपुरा थाने में तैनात ईएसआई त्रिदेव का फोन आया और कहा कि उनके छोटे भाई का भी इस केस में नाम है। त्रिदेव ने उससे कहा कि अगर केस से भाई का नाम कटवाना है तो 40 हजार रुपये देने होंगे। 10 हजार रुपये संजू ने दे दिए।
संजू ने बताया कि उनके परिवार के लोगों ने पुलिसकर्मी से फरियाद भी लगाई, फिर भी कुछ नहीं हुआ। इसके बाद संजू ने रिश्वत मांगने की शिकायत एंट्री करप्शन ब्यूरो में कर दी। संजू और पुलिसकर्मियों के बीच 30 हजार रुपये में बात तय हो गई। टीम ने योजना के अनुसार उसे 30 हजार रुपये देकर रामपुरा थाने में भेज दिया। जैसे ही ईएसआई त्रिदेव ने 30 हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद टीम ने मौके पर ही रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद अन्य पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
वर्जन
संजू ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसके भाई को झूठे केस में फंसाने को लेकर ईएसआई त्रिदेव रिश्वत मांग रहा है। वीरवार को ईएसआई त्रिदेव को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर पकड़ा गया। एक अन्य ईएसआई मनोज कुमार को छोड़ दिया गया है, क्योंकि उसकी संलिप्तता नहीं पाई गई है। फिलहाल टीम ने त्रिदेव पर केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। त्रिदेव मामले में जांच अधिकारी था।
- धर्मपाल, इंस्पेक्टर, एसीबी