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Rewari News: बावल का बारिश का पानी साहबी नदी में छोड़ने की योजना, 6.64 करोड़ रुपये का टेंडर जारी

Fri, 26 Jun 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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साहबी बैराज में जमा दूषित पानी। संवाद
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रेवाड़ी। सिंचाई विभाग ने बावल औद्योगिक क्षेत्र से बारिश के पानी को साहबी नदी में छोड़ने की योजना तैयार की है। इसके लिए 6.64 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से बावल में जलभराव की समस्या दूर होगी।
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टेंडर के अनुसार इस परियोजना के तहत जलनिकासी के लिए हाईवे, रेलवे लाइन क्रॉसिंग, विभिन्न सड़कों के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक के माध्यम से पाइपलाइन डाली जाएगी। ट्रेंचलेस तकनीक की विशेषता यह है कि सड़क, रेलवे ट्रैक या हाईवे को तोड़े बिना भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा सकती है। इससे यातायात प्रभावित नहीं होगा और परियोजना को अपेक्षाकृत कम समय में पूरा किया जा सकता है।
निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। निर्धारित योग्यता रखने वाली निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां इस परियोजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
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परियोजना के पूरा होने के बाद बावल औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी। इससे बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव, सड़क क्षति और औद्योगिक गतिविधियों में बाधा जैसी समस्याओं में कमी आएगी। साथ ही अतिरिक्त वर्षा जल को सुरक्षित रूप से साहबी नदी के कैचमेंट क्षेत्र तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
65 करोड़ की परियोजना तैयार : जलनिकासी के नाम पर लगभग 65 करोड़ की परियोजना तैयार की गई है। पिछले दिनों जब यह प्लान सामने आया था तो इसका विरोध भी शुरू हो गया था। क्योंकि बैराज में जलभराव के कारण आसपास के 12 से अधिक गांव पहले ही परेशान हैं।
बैराज में काफी समय से दूषित पानी भरा हुआ है। इसके चलते यहां पानी छोड़ने पर आपत्ति है। ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तो इसे अभी से विवादित योजना का नाम देना शुरू कर दिया था।
लोगों ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आपत्ति पत्र भेजा है और परियोजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। बावल के लोग भी इस पानी से लंबे समय से परेशान हैं।

लोगों का आरोप-कंपनियों के दूषित पानी को खपाने का जरिया
स्थानीय निवासी विनय यादव, हरीश, दयाकिशन, देवानंद निखरी, सुंदरलाल, बीर सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग बरसाती पानी के नाम पर साहबी बैराज में औद्योगिक और दूषित पानी डालने की योजना बना रहा है जो पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह योजना वास्तव में कंपनियों के गंदे पानी को खपाने का जरिया बनाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में इसे केवल बारिश का पानी बताया जा रहा है, जबकि आईएमटी बावल औद्योगिक क्षेत्र में लगातार रासायनिक और प्रदूषित पानी जमा रहता है। ऐसे में यह योजना बरसाती पानी की आड़ में औद्योगिक कचरे को बैराज में छोड़ने का प्रयास प्रतीत होती है।
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साहबी बैराज के लिए 219 करोड़ का प्लान तैयार
साहबी बैराज के लिए 219 करोड़ का प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत साहबी बैराज से ड्रेन-8 में पानी ले जाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। अब नया प्लान 6 किमी नई ड्रेन का भी है। दावा है कि बैराज में जमा मौजूदा पानी को भी निकाला जाएगा। साथ ही भविष्य में यहां दूषित पानी नहीं डाला जाएगा, बल्कि बरसाती पानी ही जाएगा।
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वर्जन
बावल का पानी साहबी बैराज तक छोड़ने के लिए निर्धारित परियोजना पर 65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्य अलग-अलग चरण में होंगे। यहां वर्षा का जल छोड़ा जाना है। परियोजना पर अभी कार्य चल रहा है।-गोपाल, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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