पार्थ ने टीवी और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर, वाट्सएप का पाठ्य सामग्री संबंधी ही प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि हार से निराश नहीं होना चाहिए, इसके बाद जीत के सफर की असली शुरुआत होती है। शिक्षकों के दिखाई राह पर चलकर कामयाबी मिली है।
हरियाणा के रेवाड़ी शहर के मॉडल टाउन स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में कोचिंग लेकर शहर के सेक्टर 3 निवासी छात्र पार्थ वर्मा ने रविवार को घोषित जेईई एडवांस में सफलता पाई। उसने ओबीसी वर्ग में 94वीं रैंक प्राप्त करके नाम रोशन किया है। 28 अगस्त को एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर पार्थ वर्मा का 746वां स्थान रहा।
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पार्थ ने विशेष बातचीत में कहा कि उसने 9वीं कक्षा में उक्त संस्थान का फाउंडेशन प्रोग्राम ज्वाइन किया और अपना आधार मजबूत करके 11वीं में नॉन मेडिकल की पढ़ाई के साथ इंजीनियरिंग की तैयारी शुरू की। शिक्षकों के दिए गए ज्ञान और अभिभावकों के सहयोग से उसने यह उपलब्धि हासिल की।
व्हाट्सएप पर केवल शिक्षा संबंधी संदेशों तक जुड़ाव
पार्थ बताते हैं कि इस संस्थान में वे साढ़े तीन घंटे तक कोचिंग लेते हैं जबकि खुद पढ़ाई करने में 5 से 6 घंटे बिताते हैं। लगातार पढ़ाई करने के दौरान वे दो-तीन घंटे के बीच में 10 से 15 मिनट का ब्रेक भी लेते हैं। 24 घंटे पढ़ाई करने का सिलसिला चलता रहता है। पार्थ टीवी नहीं देखते हैं, क्योंकि शिक्षकों ने इससे दूर रहने की नसीहत दी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म से वे दूर हैं। व्हाट्सएप पर केवल शिक्षा संबंधी संदेशों तक उनका जुड़ाव है। वे बताते हैं कि रेवाड़ी का युवा शिक्षा क्षेत्र में सही दिशा में जा रहा है और इस वक्त शहर में अपना रोजगार चुनने के लिए मार्गदर्शन की सुविधा भी उपलब्ध है।
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उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाने वाले युवाओं को यह संदेश दिया कि हार से युवाओं को निराश नहीं होना चाहिए, इसके बाद ही जीत के सफर की असली शुरुआत होती है और सदैव अपना आत्मविश्वास का स्तर ऊंचा रखना चाहिए।