रेवाड़ी। दो माह बाद कोरोना संक्रमण के मामले कम हुए तो अब स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों में ओपीडी शुरू कर दी है। सोमवार को सिविल अस्पताल में गायनी, मेडिसिन, सर्जन, ईएनटी और ट्रॉमा सेंटर में ऑर्थो ओपीडी शुरू कर दी है। अब इनके विशेषज्ञ रोज ओपीडी में बैठेंगे। इससे कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है।
ओपीडी शुरू करने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से पत्र जारी हुआ था। सिविल अस्पताल में करीब दो माह बाद पूरी तरह से ओपीडी खुली है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कोरोना के केस बढ़ने शुरू हो गए थे। लगातार बढ़ रहे केसों के चलते ओपीडी देखते-देखते कुछ चिकित्सक भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी को बंद करने का निर्णय लिया था। लेकिन अब दो माह बाद संक्रमण कम हुआ तो ओपीडी को फिर से सुचारू कर दिया गया है।
इधर, एसएमओ डॉ. सर्वजीत थापर ने बताया कि कोरोना के मामले कम हुए तो विभाग के निर्देशानुसार ओपीडी शुरू कर दी है। सिविल अस्पताल में स्किन, मनोचिकित्सक, मेडिसिन, सर्जन, फिजिशियन, ईएनटी के विशेषज्ञ ओपीडी में बैठेंगे। इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर में ऑर्थो की ओपीडी भी शुरू हो गई है।
गायनी वार्ड कभी बंद नहीं हुआ
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कोरोना के मामले बढ़े तो राज्य में सभी जगह ओपीडी बंद कर दी गई थी। सिविल अस्पताल में भी ओपीडी बंद थी। यहां केवल गायनी ओपीडी में ही इमरजेंसी में गर्भवती महिलाओं की जांच की जा रही थी। गायनी में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए पहुंच भी रही थी।
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सीएचसी-पीएचसी में भी सुविधा बढ़ी
जिले के ज्यादातर सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बाद ओपीडी शुरू हो गई है। विभाग की ओर से सूचना जारी होने के बाद सभी सीएचसी-पीएचसी में ओपीडी चालू हो गई। डॉक्टरों ने मरीजों को देखना भी शुरू कर दिया है, लोगों को जानकारी नहीं होने के चलते कम ही मरीज पहुंच रहे हैं।
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मरीज और तीमारदारों को मिली राहत
ओपीडी के मामले में जिले का सबसे बड़ा अस्पताल होने के चलते यहां स्थिति सामान्य होने का इंतजार बड़ी आबादी को होता है। सिविल अस्पताल में रोज 2000 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। प्राइवेट अस्पतालों के खर्च को वहन नहीं कर पाने वाले लोग यहां उपचार कराते हैं। अब ओडीपी शुरू होने से खासी राहत मिली।
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सर्जरी वार्ड भी शुरू
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते नागरिक अस्पताल में सर्जरी वार्ड को बंद कर दिया गया था। एक सर्जिकल वार्ड को तो कोरोना वार्ड बना दिया था। लेकिन दो माह बाद संक्रमण के घटने से दोबारा सर्जरी वार्ड को शुरू कर दिया गया है। अब रोजाना मरीजों की सर्जरी हो रही है।
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आयुष ओपीडी भी बहाल
आयुष की ओपीडी भी शुरू हो गई है। आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक व फिजिशियन चिकित्सा अधिकारियों की ओपीडी पहले सप्ताह में 3 दिन चल रही थी। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ओपीडी शुरू की गई थी। लेकिन कोरोना संक्रमण का असर कम होने के कारण दोबारा से आयुष की ओपीडी को सुचारु कर दिया है। जिले में 18 आयुष अस्पताल और एक यूनानी औषधालय है।
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कोट
नागरिक अस्पताल में सभी चिकित्सक ड्यूटी पर आ गए है। ओपीडी से लेकर सर्जरी तक सुचारु रूप से चल रही है। अगर किसी मरीज को कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं तो वो अपना कोरोना टेस्ट जरूर कराएं ताकि कोरोना संक्रमण का पता लग सके। हमारी कोशिश है कि मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो समय पर उनको इलाज की सुविधा मिल सके। इसके अलावा लोग कोरोना नियमों का पालन जरूर करें।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन।