रेवाड़ी। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में वीरवार को हुई परिवेदना समिति की बैठक हुई। इसमें लोक निर्माण विभाग के मंत्री रणवीर गंगवा ने सेक्टर-4 में एचएसवीपी की ओर से आवंटित प्लॉट पर भवन बनवाने की अनुमति नहीं देने की शिकायत पर एचएसवीपी के ईओ के साथ पांच मिनट तक मंथन की। उन्होंने ईओ से कहा कि जब मामले में मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है तो क्या इसके लिए प्रधानमंत्री आएंगे।
परिवेदना समिति की बैठक में सेक्टर-4 की निवासी संतोष देवी ने एचएसवीपी की ओर से आवंटित प्लॉट पर भवन निर्माण की अनुमति नहीं देने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि प्लॉट का पुर्नआवंटन 2008 में हुआ था। कब्जा, रजिस्ट्री, एनओसी सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उनके पास हैं।
इसके बाद बाद भी भवन योजना को स्वीकृति नहीं दी जा रही है। आरोप लगाया कि विभागीय रिकॉर्ड में तथ्यों की अनदेखी की गई है और सीमांकन संबंधी आपत्तियों के आधार पर आवेदन निरस्त किया गया।
इस मामले में मंत्री रणवीर गंगवा ने पांच मिनट तक एचएसवीपी के ईओ के साथ मंथन किया। मंत्री ने माना कि यहां एचएसवीपी की कार्यशैली विवादों के घेरे में है। मंत्री ने कहा कि एचएसवीपी ने इसमें गलत कार्य किया है। कहा कि इस मामले में एडीसी की देखरेख में एक टीम गठित कर जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
परिवाद नंबर 3 में सेक्टर-19 निवासी मंजीत कुमार ने आवंटित प्लॉट पर कब्जा नहीं मिलने की शिकायत की। एचएसवीपी के अधिकारियों ने बताया कि भूमि संबंधी रिकॉर्ड लंबित है। मंत्री ने समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि समाधान न हो तो अगली बैठक में बताना।
परिवाद नंबर 4 में शहादत नगर निवासी भतेरी देवी ने नियमित कॉलोनी के नक्शे में उनके प्लॉट पर रास्ता दर्शाने की शिकायत की। प्लॉट में रास्ता दिखा दिया गया। समिति ने जिला नगर योजनाकार को मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपने के निर्देश दिए।
एक अन्य परिवाद में मॉडल टाउन निवासी सुनीता देवी ने लालपुर क्षेत्र में नियंत्रण क्षेत्र और मास्टर प्लान के तहत प्रतिबंधित भूमि पर अवैध निर्माण होने की शिकायत की।
आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति बिना अनुमति निर्माण कार्य कर रहा है जबकि इसकी शिकायत जिला नगर योजनाकार और प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है। इस दौरान महिला रोने लगी। मंत्री ने कहा कि अगली मीटिंग तक समाधान किया जाएगा।
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पुत्र की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
परिवाद नंबर 7 में गांव संगवाड़ी निवासी जगराम ने अपने पुत्र की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। जगराम और उनकी पत्नी न्याय की मांग रखते हुए रोने लगीं। उन्होंने बताया कि बेटे ने फंदा नहीं लगाया था बल्कि उसको किसी ने मारा है। आगे बताया कि वही लोग अब उसे भी मारना चाहते हैं। उन्होंने कुछ युवकों पर संदेह जताया। मंत्री के समक्ष पुलिस ने बताया कि मौके पर कोई हत्या जैसी बात सामने नहीं आई है लेकिन दंपती मानने को तैयार नहीं थे। दंपती ने कहा कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी हुई तो जिम्मेदार कौन होगा। इस पर मंत्री ने कहा कि भविष्य में कोई शिकायत होगी तो एसपी से आकर मिलें।
अंसल टाउन में बिजली की समस्या से लोग परेशान
नए परिवाद नंबर 3 में अंसल टाउन निवासी रामबाबू एवं राजेंद्र ने बताया कि अंसल टाउनशिप में अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद भी बिजली निगम की ओर से कनेक्शन नहीं दिए जा रहे। निगम का कहना है कि बिल्डर कंपनी ने आवश्यक बैंक गारंटी जमा नहीं कराई है। शिकायतकर्ताओं का तर्क था कि उपभोक्ता सीधे बिजली बिल विभाग को जमा करते हैं और बिल्डर के विवाद का खामियाजा उन्हें नहीं भुगतना चाहिए। मंत्री ने बिल्डर को आदेश दिए कि 15 दिन के अंदर जरूरी रकम जमा करवाई जाए, नहीं तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
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सीनियर सिटीजन हूं, मेरी सुनवाई की जाए : कंवर
परिवाद नंबर 5 में आदर्श नगर निवासी कंवर सिंह ने कहा कि गांव जाड़रा में पंचायत रास्ते पर अवैध कब्जा कर रास्ता बाधित कर दिया गया है। संबंधित लोगों की मिलीभगत से उनकी फसल को नुकसान पहुंचाया गया। मैं सीनियर सिटीजन हूं, मेरी सुनवाई की जाए। मंत्री ने समाधान के निर्देश दिए। नए परिवाद नंबर 2 में बावल नगर पालिका के उपप्रधान अर्जुन सिंह चौकन ने वार्ड 6 और 7 में बिजली व्यवस्था संबंधी शिकायत दी। मंत्री ने आदेश दिए कि जल्द समाधान करवा दिया जाएगा।
जमीन से जुड़े मामले में एचएसवीपी के ईओ से बातचीत करते मंत्री रणबीर गंगवा। संवाद
जमीन से जुड़े मामले में एचएसवीपी के ईओ से बातचीत करते मंत्री रणबीर गंगवा। संवाद
जमीन से जुड़े मामले में एचएसवीपी के ईओ से बातचीत करते मंत्री रणबीर गंगवा। संवाद