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लिंगानुपात सुधार की दिशा में अधिकारी निभाएं नैतिक जिम्मेदारी : डीसी

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रेवाड़ी। जिले मेें लिंगानुपात सुधार की दिशा में अधिकारी अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही कम लिंगानुपात वाले गांवों पर फोकस कर काम करें। उक्त बातें डीसी यशेंद्र सिंह ने कहीं हैं। वे शुक्रवार को पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत आयोजित बैठक में बोल रहे थे।
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इस दैरान उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन जिला में भ्रूण हत्या रोकने के लिए सजग एवं सतर्क है। भ्रूण लिंग जांच व भ्रूण हत्या करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि जिला में लिंगानुपात सुधार के लिए सभी अधिकारी नैतिकता के आधार पर अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मानवीय मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ते हुए भ्रू्ण हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल होने वालों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाए। डीसी ने कहा कि रेवाड़ी जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित एसडीएम पूरी मॉनिटरिंग करेें और लिंग जांच करने वालों पर नियमों की अवहेलना करने पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात सुधार मेें प्रशासन का सहयोग करते हुए सार्थक कदम बढ़ाने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने जिला के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में जिन गांवों में बेटा-बेटी में लिंगानुपात अंतर अधिक हैं, वहां महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग की ओर से संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी यह भी ध्यान रखें कि उक्त कम लिंगानुपात वाले गांवों में गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करते हुए हर स्तर पर उनके स्वास्थ्य का आकलन करें।बैठक में सीईओ जिप रविन्द्र यादव, एसडीएम बावल संजीव कुमार, सीटीएम देवेन्द्र शर्मा, सीएमजीजीए अमन वालिया, डॉ. विशाल राव, डीडीपीओ एचपी बंसल, डीईओ नसीब सिंह, डीईईओ कपिल पूनिया, सीडीपीओ शालू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपिका यादव मौजूद रहे।
लिंग जांच और भ्रूण हत्या करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
उन्होंने कहा कि सकारात्मक नजरिए के साथ प्रशासन के सभी आम नागरिक ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ राष्ट्रीय कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण लिंग जांच व भ्रूण हत्या करवाने वालों को पकड़वाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया कि बेटा-बेटी में फर्क करने की अपेक्षा समान विचारधारा की सोच को कायम रखते हुए प्रशासन का सहयोग करें। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निरंतर पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है ताकि लिंग जांच गिरोह किसी भी रूप से रेवाड़ी जिला में सक्रिय न रहे। उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों को कहा कि ग्राम सभाओं में आमजन को लिंगानुपात सुधार के लिए जागरूक किया जाए। साथ ही कम लिंगानुपात वाले गांवों में कार्यरत महिला एवं बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ पूरी सक्रियता से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें।
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