स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब मरीजों को घर के समीप ही सुविधाएं मिलेंगी। अस्पताल में बढ़ रही भीड़ को देखते हुए दूर-दराज के मरीजों को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र नहीं जाना पड़े़गा और उनको उनके द्वार पर ही चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की जा रही है। जिले को दो नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट यानी बस मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही यह सुविधा शुरू की जाएगी।
घर के नजदीक मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं
नागरिक अस्पताल में रोजाना हजार से अधिक ओपीडी हो रही है। मगर अब मरीजों को घर के पास ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। इससे नागरिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रोें पर भीड़ नहीं होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शहर और गांवों के दूर-दराज क्षेत्रों (आउटरीच एरिया) में यह बस पहुंचेगी। इसमें उपचार से संबंधित सभी सुविधाएं रहेंगी। स्लम बस्ती, ईंट भट्ठों, निर्माणाधीन क्षेत्रों पर काम करने वाले श्रमिक, दूसरे प्रदेशों के नागरिकों को भी चिकित्सीय और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट में चालक के साथ चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन भी रहेंगे। इससे प्राथमिक उपचार, संक्रामक और गैर संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग, प्रारंभिक लैब टेस्ट आदि हो सकेंगे।
जरूरत पड़ने पर मोबाइल यूनिट के चिकित्सक कर सकेंगे रेफर
किसी मरीज को इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की जरूरत होगी तो मोबाइल यूनिट के चिकित्सक रेफर करेंगे। स्वास्थ्य विभाग का नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट (एनएमएमयू) चलाने का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सीधे उनके घर तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। जिले को मिली दो मोबाइल मेडिकल यूनिट से उन लोगों को भी लाभ होगा जो स्वास्थ्य केंद्रों या अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते हैं। जरूरतमंद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा भी वहीं मिलेगी।
जल्द मिलेगी जिले के नागरिकों को सुविधाएं
बस के पंजीकरण, पेट्रो कार्ड और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद करीब एक माह के अंदर आमजन के लिए एनएमएमयू आरंभ होगी। मोबाइल वाहन में जनरेटर की सुविधा होगी। बस के स्टाफ को लेकर भी व्यवस्था की जानी है।
दिसंबर में हो सकती है सुविधा शुरू
एनएमएमयू को शहर व गांवों में चलाया जाएगा। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिसंबर से आमजन को इसका लाभ मिलने लगेगा। जिले को दो बसें मिली हैं। इसके बाद बस में स्टाफ को लेकर भी व्यवस्था की जाएगी। उपचार के दौरान वहीं पर मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को मोबाइल यूनिट के चिकित्सक रेफर कर सकेंगे। -डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन।