संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैबलेट का इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट शुल्क देना होगा। निदेशालय ने निशुल्क इंटरनेट को बंद करने का आदेश दिया है।
शिक्षा निदेशालय को विद्यार्थियों द्वारा टैबलेट का दुरुपयोग किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। टैबलेट का दुरुपयोग न हो, इसके लिए टैबलेट में एसडीएम साफ्टवेयर अपलोड किया गया था लेकिन विद्यार्थी इस साफ्टवेयर को तुड़वाकर गलत इस्तेमाल करने लगे थे। इसकी शिकायत मिलने पर शिक्षा निदेशालय ने नेट बंद करने का निर्देश दिया है।
निदेशालय के निर्देश के अनुसार विद्यार्थी स्कूल में विभाग के वाई-फाई से इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस टैबलेट में विभाग की केवल पीएएल एप चलती है। इसके लिए निदेशालय ने स्कूल में विद्यार्थियों को वाई-फाई का इस्तेमाल करने के आदेश दिए हैं।
इंटरनेट इस्तेमाल के दौरान शिक्षकों को विद्यार्थियों की गतिविधियों की निगरानी भी करनी होगी। इसकी जिलास्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।विद्यार्थियों को विद्यालय व घर में ई-अधिगम करने के लिए नेट का खर्च स्वयं देना पड़ेगा।
मौजूदा समय में ग्रीष्म अवकाश चल रहे हैं। इस दौरान विद्यार्थी पूरे महीना घर पर रहकर टैबलेट का प्रयोग स्वयं के खर्चे पर करेंगे। वहीं, विद्यार्थी शिक्षक की अनुमति लेकर विद्यालय में लगे ब्राडबैंड के इंटरनेट का प्रयोग टैबलेट में कर सकते हैं।
शिक्षा विभाग ने 17 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट दिया है। 12वीं कक्षा के 5400 और कक्षा 10वीं के 3000 विद्यार्थियों ने स्कूल मुखिया के पास टैबलेट जमा करवाए हैं।
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वर्जन:
ई-अधिगम योजना के तहत विद्यार्थियों को इस बार सिर्फ टैबलेट दिए गए हैं। विभाग अब सिम उपलब्ध नहीं करवाएगा। पहले से चल रही सिम भी बंद करवा दी गई है। विद्यार्थियों को घर पर निजी और स्कूल में विभाग का इंटरनेट प्रयोग करना होगा। -डॉ. अशोक कुमार नामवाल, नोडल अधिकारी।