रेवाड़ी। राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति अब एएमएस पोर्टल पर भी इंचार्ज को अपलोड करनी होगी। कई जिलों में यह रिपोर्ट कम जा रही थी, जिसका असर केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ रहा था। अब निदेशालय ने नियमित डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसकी मॉनीटरिंग मुख्यालय की ओर से की जाएगी।
पत्र में बताया गया है कि विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे मील का डाटा भी स्कूलों से ब्लॉक और जिला स्तर तक ही सीमित था। स्कूल स्तर प्रबंधन समिति के सहयोग से इंचार्ज के जरिए इसका रिकॉर्ड रखा जा रहा था। एसएमसी के साथ स्कूल मुखिया के पास रिकॉर्ड रजिस्टर रखा जाता था। इससे मुख्यालय तक सही डाटा नहीं जा रहा था। लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में बच्चों के मिड-डे मील संबंधित शत-प्रतिशत डाटा पोर्टल पर अपडेट किया जाना है।
अधिकारियों ने बताया कि एएमएस की रिपोर्ट भारत सरकार की ओर से प्रत्येक दिन की मॉनीटरिंग चेक की जाती है। भारत सरकार के पास जाने वाले डाटा में प्रदेश के सभी जिलों की कम ग्रेडिंग दिखाई जा रही है। यह प्रदेश के हित में नहीं है। अब इस पर सख्ती की जाएगी। सभी लेखाधिकारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्कूल के मुखिया, मिड-डे मील इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि एएमएस की रोजाना की शत-प्रतिशत रिपोर्ट अपलोड की जाए। इन निर्देशों का अनुपालन न करने वाले स्कूलों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई निदेशालय स्तर से अमल में लाई जाएगी। पोर्टल पर दिए गए डाटा के हिसाब से ही ग्रेडिंग तय होती है।
वर्जन
अब पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति अब एएमएस पोर्टल पर भी इंचार्ज को अपलोड करनी होगी। एएमएस पोर्टल पर डाटा अपलोड करने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। इनका पालन करवाया जाएगा। सभी स्कूल मुखियाओं को इसको लेकर आदेश दिए जा रहे हैं।-सत्यपाल, बीईओ, शिक्षा विभाग