कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में सोमवार को 278 नए संक्रमित मिले जबकि 122 लोगों ने कोरोना को मात दी। पिछले दो दिनों में जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 430 हो चुकी है। जबकि रेवाड़ी में सबसे ज्यादा 164 केस सामने आए हैं। जिले में अब तक कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 598 हो चुकी है।
वहीं दूसरी ओर सोमवार को 1659 सैंपल लिए गए जिसमें 1397 की रिपोर्ट लंबित है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को कोरोना नियमों का पालन व समय पर वैक्सीन लगवाने के लिए सलाह दी जा रही है, लेकिन लोग बेखौफ घूम रहे हैं। इससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में मिले कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने से रिकवरी रेट 96 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वहीं पॉजिटिविटी रेट 3.85 प्रतिशत है। सोमवार को मिले 278 कोरोना संक्रमितों में से 164 रेवाड़ी अर्बन, बावल में 21, मीरपुर में 27, नाहड़ में 22, गुरावड़ा में 21, खोल में 23 शामिल है।
वहीं जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5 लाख 54 हजार 274 सैंपल लिए जा चुके हैं। अब तक 21 हजार 375 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें 20 हजार 519 मरीजों ने कोरोना को मात दी। कोरोना संक्रमण के कारण जिले में अब तक 258 मरीजों की मृत्यु हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, आरटीपीसीआर टेस्ट से ही इस बात की पुष्टि हो सकती है कि व्यक्ति को संक्रमण है या नहीं। इस टेस्ट से यह पता नहीं लगाया जा सकता कि रोगी को कोरोना वायरस का कौन सा वैरिएंट है। इसका पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिग स्टडी करनी आवश्यक है।
3334 लोगों को लगाई बूस्टर डोज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को 3334 को बूस्टर डोज लगाई गई। इनमें हेल्थ केयर वर्करों को 965, फ्रंटलाइन वर्करों को 410 और 1959 बुजुर्गों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। वहीं 793 को पहली व 1445 को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई। इसके अलावा 606 किशोरों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। जिले में 7 लाख 49 हजार 68 को वैक्सीन की पहली डोज व वहीं 6 लाख 14 हजार 553 को दूसरी डोज लगाई गई। अब तक जिले में 38 हजार 84 किशोरों को वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है।
जिले में स्थिति भयावह होती जा रही है। ऐसे ही केस बढ़ते रहे तो जिला रेड जोन में आ जाएगा। लोग अगर कोरोना नियमों का पालन करेंगे व समय पर वैक्सीन लगवाएंगे तो हम कोरोना को मात दे सकते हैं।
- डॉ. अशोक कुमार, कोरोना नोडल अधिकारी