रेवाड़ी। स्थानीय गांधी नगर में अंतरराष्ट्रीय सैनी समाज मार्गदर्शन एवं एकता संघ की जिला इकाई ने ज्योतिबा फुले की 195वीं जयंती पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें फुले दंपती को जल्द भारत रत्न देने और शहर के किसी चौक पर इनकी प्रतिमाएं लगवाने की मांग उठाई है। इस दौरान मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय सैनी समाज संगठन के अध्यक्ष पीके सैनी ने कहा कि महात्मा फुले का समाज में शिक्षा पर अधिक जोर था। उन्होंने अपने जीवन पर्यंत नारी उत्थान का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि 19वीं सदी में फुले समाज सुधारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक, क्रांतिकारी व दलितों के मसीहा के रूप में उभरे। समाज को नई दिशा दिखाने में महात्मा फुले का कोई सानी नहीं। उन्होंने सभी को ज्योतिबा के दिखलाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस दौरान विशिष्ट अतिथि एडवोकेट सतवीर सैनी ने कहा कि हमें अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष कंवर सिंह सैनी ने भारत सरकार से महात्मा ज्योतिबा फूले और सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने की मांग उठाई। साथ ही कहा कि उपायुक्त से मिलकर शहर में किसी भी स्थान पर फुले दंपती की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग करेंगे। कार्यक्रम में डा. दीपक सैनी, राजपूत सभा के संरक्षक मिस्टर सिंह राजपूत, वरिष्ठ कलमकार महावीर निनानियां ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम में डा. अजीत मधोक धारूहेड़ा, डा. शीशराम वर्मा, चंद्रवती, मीना, सोनिया, मंजू, कांता देवी, सरला देवी, सुनीता गुप्ता, कशिश गुप्ता, रामेश्वर दयाल, नानक चंद भुराड़िया, सतीश(बॉबी), वेदप्रकाश, हरिओम, हिमांशु, राज, भतेरी देवी, पूनम भुराड़िया, लाजवंती, महेश, वीरेंद्र कुमार, सुनील, लखन, राकेश, रॉकी, अशोक, बेबी लक्ष्मी और काफी लोग मौजूद थे। मंच संचालन जिला अध्यक्ष कंवर सिंह ने किया।
कंवर सिंह सैनी को बने प्रदेश उपाध्यक्ष
कार्यक्रम में कंवर सिंह सैनी को हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष, सुनील सैनी और सुरेश सैनी को जिला उपाध्यक्ष, डॉ. दीपक सैनी को रेवाड़ी का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। इस मौके पर संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन सैनी को पगड़ी बांधी गई, जबकि सतवीर सैनी, मिस्टर सिंह राजपूत व वरिष्ठ कलमकार महावीर निनानियां को स्मृति चिह्न देकर जबकि महिलाओं को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
गरीब, शोषित और वंचित लोग जरूर लें शिक्षा : प्रो. शिवताज
बावल। समाज में फैला नशा, अशिक्षा और कुरीतियां रूपी अंधेरे को मिटाने का सबसे अच्छा हथियार शिक्षा है। ज्योतिबा कहते थे कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जो इसे पीएगा, वह जरूर दहाड़ेगा। गरीब, शोषित और वंचित जरूर शिक्षा लें। इसे लेने के बाद महिलाएं भी ताकतवर हो सकती हैं। उक्त बातें प्रो. शिवताज सिंह ने कहीं हैं। वह पीराना मंदिर में महात्मा फुले जयंती कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि महात्मा फुले ने अपनी पत्नी को भी पढ़ाया, जो देश की पहली महिला अध्यापिका बनीं। कार्यक्रम में मेधावी बच्चों और अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हेमंत फुले, प्रधान लालाराम, दीनदयाल, रामकिशन महलावत, ताराचंद, लालचन्द, कालूराम सोनी, जयसिंह, दाताराम, कालूराम आदि मौजूद रहे। संवाद
‘महात्मा फुले ने की थी समतामूलक समाज की स्थापना’
रेवाड़ी। महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर सोमवार को सैनी सभा के पूर्व प्रधान चेतराम सैनी की अगुवाई में बाईपास स्थित वाटिका में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर समाज के लोगों की ओर से पुष्प अर्पित किए गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्री बाई फुले के बताए पथ पर चलने की आवश्यकता है। फुले दंपती ने समाज को सिर्फ शिक्षित होने का ही मंत्र नहीं दिया बल्कि दहेज प्रथा के विरुद्ध और विधवा पुनर्विवाह को लेकर भी अभियान चलाया। सही मायने में समतामूलक समाज की स्थापना महात्मा ज्योतिबा फुले ने ही की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि महात्मा फुले ने अपनी पत्नी सावित्री बाई फुले को शिक्षित किया। इसके पश्चात समाज की अन्य महिलाओं को भी शिक्षित कराने का काम किया। इस अवसर पर आशीष सैनी, मन्नू सैनी, सुरेश सैनी, बहादुर सैनी, कैलाश सैनी, प्रीतम सैनी, प्रताप सैनी, लव सैनी, राम सिंह, लक्ष्मी नारायण सैनी, भानु सैनी, परमानंद सैनी, कवर सिंह सैनी, वेद सैनी, ओम प्रकाश सैनी, कमल सैनी आदि मौजूद रहे। संवाद