स्थानीय बस स्टैंड के भवन में बने शौचालय को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था किए ही बंद कर दिया गया है। जिससे रेवाड़ी बस स्टैंड से सफर करने वाले 40 हजार यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्री बस स्टैंड परिसर में इधर-उधर यूरिन त्यागकर स्वच्छता अभियान को बट्टा लगा रहे हैं। वहीं महिला यात्रियों को तो सबसे अधिक परेशानी हो रही है। रोडवेज तालमेल कमेटी ने बैठक कर रोडवेज प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया है। उनका कहना है कि विभाग के अधिकारियों ने जल्द कोई को जल्द शौचालय की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की तो कर्मचारियों की ओर हड़ताल की जाएंगी।
रोडवेज तालमेल कमेटी की ओर से बस स्टैंड परिसर में आयोजित बैठक में पिछले दस दिनों से बंद पड़े शौचालय का मुद्दा उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि बस स्टैंड के भवन में बने शौचालय को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उसे बंद करने से पहले विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग 40 हजार से अधिक यात्री बसों में सफर करते हैं, जिन्हें शौचालय बंद होने से परेशानी हो रही है। इस संबंध में अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है। लोग खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं। इससे बस स्टैंड परिसर में गंदगी फैल रही है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो तालमेल कमेटी ठोस कदम उठाने को मजबूर होगी। इस मौके पर राजपाल यादव, राजवीर फौगाट, शवि कुमार, रवि कुमार, नरेंद्र दखोरा, रविंद्र कुमार, नवीन कुमार, प्रवीण यादव, राजेंद्र टीकला, धर्मवीर खोड, रवि कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे। बस स्टैंड भवन में बना शौचालय जर्जर हो गया है, इसलिए उसे मरम्मत के लिए बंद किया गया था।
कर्मचारियों की ओर से बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। शुक्रवार से मरम्मत का कार्य भी शुरू हो गया है। बस स्टैंड परिसर में पूर्व दिशा की तरफ से एक अन्य शौचालय बना हुआ है। अगर यात्रियों को कोई परेशानी है तो वैकल्पिक व्यवस्था करा दी जाएगी।
सुरेश राठौड़, एसएस रोडवेज