एसडीएम बावल मनोज कुमार राजकीय उच्च विद्यालय सुठानी व सुठाना का निरीक्षण करते हुए।
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बावल। एसडीएम बावल मनोज कुमार ने वीरवार को राजकीय उच्च विद्यालय सुठाना व सुठानी, पीएचसी सुठाना व आयुर्वेदिक चिकित्सालय सुठाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुठाना में ताला लगा हुआ मिला, यहां पर कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं था। आयुर्वेदिक चिकित्सालय में केवल दो महिला सफाई कर्मचारी हीं उपस्थित मिलीं, चिकित्सालय में डॉक्टर व फार्मासिस्ट गैर हाजिर मिले। जांच में पता चला कि हाजिरी रजिस्टर भी डॉक्टर अपने पास ही रखते हैं। राजकीय उच्च विद्यालय सुठानी के निरीक्षण के दौरान समय पर स्कूल में पीजीटी अंग्रेजी स्नेहलता, विरेन्द्र सिंह विज्ञान, सरोज बाला संस्कृत, रेनू बाला एसएस, नरेशपाल क्लर्क व अल्का प्राइमरी अध्यापिका देरी से पहुंचे। जबकि कमलेश प्राइमरी अध्यापिका स्कूल से गैर हाजिर मिली। जिसके बारे में बताया गया कि वह मीटिंग में गई हुई है, परंतु ऐसे किसी आदेश की प्रति स्कूल के पास प्राप्त नहीं थी। राजकीय उच्च विद्यालय सुठाना के निरीक्षण के दौरान तीन अध्यापक सुनीता, सरिता व पूनम यादव का हाजिरी रजिस्टर में आकस्मिक अवकाश लगा हुआ था, परंतु इस संबंध में कोई भी प्रार्थना पत्र स्कूल में नहीं मिला। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान छठीं से आठवीं तक के बच्चों की संख्या बहुत कम पाई गई। विद्यार्थी कक्षाओं की बजाय बाहर मिले।
-कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारी को भेजी रिपोर्ट
उपमंडल अधिकारी बावल मनोज कुमार ने कहा कि गैर हाजिर रहे अध्यापकों व स्टाफ सदस्यों के बारे में उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। डीसी के निर्देश पर उन्होंने पीएचसी और स्कूलों का निरीक्षण किया तथा जो भी कमियां मिली उनके बारे में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। एसडीएम ने कहा कि सरकार काम करने के पैसे देती है, इसलिए सभी कर्मचारियों को चाहिए कि वे समय पर कार्यालय में आकर लोगों के कार्य करें। उन्होंने कहा कि उनका औचक निरीक्षण का कार्य निरंतर जारी रहेगा।