रेवाड़ी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद कंवर सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मुलाकात की। हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी राव इंद्रजीत सिंह खेमे की तरफ से इसको लेकर कोई बयान नहीं आया है। इससे कंवर सिंह के शपथ लेने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। वहीं 15 सितंबर को मामले में फिर से सुनवाई होनी है।
उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर 2020 को धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन के लिए मतदान हुआ था। जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार कंवर सिंह ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद कंवर सिंह हरको बैंक के चेयरमैन अरविंद यादव के साथ सीधे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे थे। कंवर सिंह के इस कदम से रामपुरा हाउस में नाराजगी थी। चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे संदीप बोहरा ने कंवर सिंह के 10वीं के सर्टिफिकेट को फर्जी बताकर चुनाव आयोग में शिकायत कर दी थी। डीसी यशेंद्र सिंह के आदेश पर तत्कालीन कोसली के एसडीएम ने जांच में सर्टिफिकेट को फर्जी पाया था। बाद में चुनाव आयोग ने 15 मार्च को कंवर सिंह को शपथ लेने से पहले ही अयोग्य करार दे दिया था। अगस्त में धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन उपचुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी थी। 27 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू शुरू हुई थी। 10 सितंबर को प्रचार के आखिरी दिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 15 मार्च के चुनाव आयोग के उस फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसमें कंवर सिंह को अयोग्य करार दिया गया था। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने उपचुनाव रद्द करने की घोषणा कर दी थी। इस संबंध में कंवर सिंह ने कहा कि मैं पूरी जिंदगी राव के साथ रहूंगा। मैं 40 साल कांग्रेस में रहा। अब पूरी जिंदगी राव इंद्रजीत सिंह के साथ रहकर ही राजनीति करूंगा।