संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीएससी संघर्ष समिति के सदस्यों ने प्रधान विजय सिंह इंदौरा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला सचिवालय में डीआरओ प्रदीप देसवाल को सौंपा। विजय सिंह इंदौरा ने कहा कि डीएससी वर्ग का आरक्षण हड़पना अनुुचित है।
डीएससी प्रधान विजय सिंह इंदौरा ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण में वर्गीकरण करके डीएससी वर्ग को नौकरियों में अलग से 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है।
ओएससी वर्ग के लोग जो चमार, जटिया तथा जाटव जाति से संबंध रखते हैं, डीएमसी वर्ग का फायदा उठाने के लिए मेघ, मेघवाल और कबीर पंथी जाति का प्रयोग कर रहे हैं। इस प्रकार ये लोग डीएससी वर्ग का आरक्षण हड़पना चाहते हैं जो अनुचित है।
उन्होंने कहा कि ये अपना जाति प्रमाण पत्र मेघ, मेघवाल और कबीरपंथी जाति के नाम से बनवा रहे हैं, जो गैरकानूनी है। इससे डीएससी वर्ग के लोगों में काफी रोष है। सरकार से मांग की है कि मेघ, मेघवाल तथा कबीरपंथी जाति को डीएससी वर्ग से बाहर किया जाए और ओएससी वर्ग में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि अपनी जाति छुपा कर मेघ, मेघवाल तथा कबीरपंथी जाति के प्रमाण पत्र बनवाए हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर भूप सिंह खरेरा, सुभाष सोलंकी, धर्मपाल सोलंकी, विनोद कुमार वाल्मीकि, देशराज डाबला, ताराचंद कोली, नरेश कुमार, कुलदीप सरोहा, गजराज निनानिया, धर्मपाल सुठानी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।