रेवाड़ी। क्षेत्र में पिछले तीन दिन से बारिश का दौर निरंतर जारी है। शुक्रवार को भी शहर में मुख्य चौक-चौराहों व सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। जिससे वाहन चालकों और राहगगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेवाड़ी में पिछले 24 घंटे में 47 एमएम बारिश हुई है। बारिश के कारण फसलों की कटाई व कढ़ाई करा कार्य प्रभावित हो गया है।
अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद का कार्य भी बारिश के कारण प्रभावित हो गया है। वहीं शेड के बाहर पड़े अनाज के ढेेरों को ऊपर से तो ढक दिया लेकिन उनके नीचे बारिश का पानी घुसने से अनाज खराब हो गया। अनाज मंडी में बाजरे के ढेरों से बदबू भी आने लगी है। शहर की अनाज मंडी में बनाए शेडों में जो अनाज पड़ा है उसका समय पर उठान नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण किसानों को अपना बाजरा बाहर खुले आसमान के नीचे डालना पड़ रहा है।
बाजरे में दस व कपास में 30 फीसदी तक नुकसान
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 83 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल बोई गई है। इसमें से करीब 60 फीसदी फसल की कटाई हो चुकी है और कटी हुई फसल में करीब 10 फीसदी नुकसान है। जबकि आठ हजार हेक्टेयर भूमि में कपास की फसल बोई हुई है। जिसमें बारिश के कारण 10 से 30 फीसदी नुकसान का अनुमान है।
सरसों की बिजाई होगी प्रभावित
आम तौर पर क्षेत्र में 25 सितंबर के आसपास सरसों की बिजाई का कार्य शुरू हो जाता है, लेकिन खेतों में पानी भरने के कारण सरसों की बिजाई में देरी होने की आंशका बढ़ गई है। अगर दो-तीन दिन और बारिश होती रही तो खेतों में जल स्तर और बढ़ सकता है। इस पानी को सूखने में समय लग जाएगा। जिसकी वजह से फसल की बिजाई का कार्य प्रभावित होगा।
कहां कितनी हुई बारिश
क्षेत्र बारिश ( एमएम में)
रेवाड़ी 47
मनेठी 20.2
पाल्हावास 30
धारूहेड़ा 56
डहीना 23
बावल 32
कोसली 30
नाहर 09
बारिश के कारण खेतों में कपास की फसल में 10 से 30 फीसदी व बाजरे की कटी हुई फसल में करीब 10 फीसदी तक नुकसान है। वहीं बारिश के कारण सरसों की बिजाई का कार्य देरी हो पाएगा, क्योंकि सरसों की बिजाई का कार्य करीब 25 सितंबर से शुरू हो जाएगा।
- जसविंद्र सिंह, उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, रेवाड़ी।