संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार की ओर से लागू की गई ई-टेंडरिंग के विरोध में मंगलवार को जिला भर के सरपंचों ने कोसली से भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव के रेवाड़ी स्थित आवास का घेराव किया। सरपंचों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। इसके बाद सरपंचों ने विधायक को ज्ञापन दिया तथा करीब आधा घंटा तक ई-टेंडरिंग सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत की।
जिले के सरपंचों की ओर से ई-टेंडरिंग के विरोध में आंदोलन किया जा रहा है। जिला में बावल व नाहड़ खंड के सरपंचों द्वारा खंड कार्यालय पर धरना दिया जा रहा है। सरपंचों के इस आंदोलन में पंचायत समिति सदस्यों से लेकर जिला पार्षद भी साथ दे रहे हैं। मंगलवार को सरपंच ने सेक्टर चार स्थित भाजपा विधायक के आवास के समीप इकट्ठा होकर विधायक आवास पहुंचे। सरपंचों ने कहा कि भाजपा सरकार ने जबरदस्ती से ई-टेंडरिंग लागू कर सरपंचों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। सरकार सरपंचों की बजाय अपने अधिकारियों पर भरोसा कर रही है। जबकि सरंपच गांव का चुना हुआ नुमाइंदा है। उन्होंने कहा कि सरकार ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल का नियम लागू कर रही है। अगर सरकार सही मंशा से कार्य करना चाहती है तो सबसे पहले राइट टू रिकॉल विधानसभा में लागू कर। ऐसे तो गांवों में आपसी भाईचारा बिगड़ जाएगा। प्रदेश की भाजपा सरकार जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपमान कर रही है। सरकार सरपंचों पर विश्वास नहीं जता रही और अधिकारियों के माध्यम से विकास कराने की बात कह रही है। जबकि विजिलेंस द्वारा प्रदेश में रोजाना अधिकारियों को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है। ऐसे क्या गारंटी है कि सरकार के भ्रष्ट अधिकारी ईमानदारी से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को दोनों कानून वापस लेने होंगे। इस अवसर पर गुरावड़ा, हांसावास, हालूहेड़ा, जीवड़ा, ढोकिया, मस्तापुर, गादला, खेड़ा आलमपुर, बेरली खुर्द, रौझूवास, रोहड़ाई व डहीना खंड के विभिन्न सरपंच मौजूद रहे।