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9 महीनों में किसानों की संख्या रह गई 250

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बैठक में भाग लेते भाकियू के पदाधिकारी व कार्यकर्ता। - फोटो : Rewari
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दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसान आंदोलन केे 9 महीने पूरे होने पर संख्या साढ़े 10 हजार से घटकर 250 पर पहुंच गई है। बॉर्डर पर अब पहले जैसी भीड व रौनक भी गायब है। महिलाओं की संख्या जहां हजारों में थी अब 5-7 में सिमट कर रह गई है।
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हालांकि किसान नेताओं का कहना है कि ऐसा रणनीति के तहत किया जा रहा है। लोगों का धरना स्थल पर पहुंचने के लिए रोटेशन बनाया हुआ है। पहले हनुमान गढ़ सहित दो जिलों तक आंदोलन सीमित था अब इसका विस्तार हो चुका है। वहीं दूसरी ओर 9 माह पूरा होने पर किसान संगठन वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर सभी मोर्चों पर कार्यक्रम कर धिक्कार दिवस मनाएंगे। रेवाड़ी के नेहरू पार्क में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में धिक्कार दिवस मनाने का निर्णय किया है।
भाकियू के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है खेड़ा बॉर्डर बैठक का आयोजन कर रणनीति बनाई गई है। उन्होंने बताया कि सरकार पूंजीपतियों का हित साधने के लिए किसानों की अनदेखी कर रही है। सरकार की हठ एवं तानाशाही रवैये के कारण देश का किसान अपने अस्तित्व बचाने के लिए पीड़ा झेलते हुए अपनी शहादत दे रहे हैं। सरकार काले कानूनों को किसानों पर थोपकर किसान का अस्तित्व मिटाना चाहती है। कुछ पूंजिपतियों के लिए देश का पेट भरने वाले अन्नदाताओं को बर्बाद करना चाहती है। 600 से अधिक किसान अलग अलग बोर्डरों पर अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार के अलग-अलग मंत्रियों ने किसानों को बदनाम करने के लिए प्रयास किए गए। बीते 9 महीनों से किसान अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस अवसर पर राजाराम मील पूर्व विधायक पवन दुग्गल रामकिशन महलावत बलबीर छिल्लर उमेद नेहरा प्राणपुरा सहित अनेक किसान मौजूद रहे। किसान नेताओं ने कहा कि अब आंदोलन को तेज किया जाएगा।
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