रेवाड़ी। जिले की सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। इसकी सूरत को संवारने की दरकार साफ महसूस हो रही है। इलाका चाहे शहरी हो या ग्रामीण, सड़कों में गड्ढों से वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। सरकार की ओर से अगर बजट में नई सड़कों के निर्माण और पुरानी जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए धन उपलब्ध कराया जाएगा तो शायद सड़कों का रंग-रूप बदलता दिखेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अगले बजट तक सड़कों के गड्ढे लोगों को चोट देकर अस्पतालों तक पहुंचाने में मददगार साबित होंगे।
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जिले में कुल 474 सड़कें, लंबाई 1135.90 किलोमीटर
लोक निर्माण विभाग के सर्कल कार्यालय के अनुसार जिले में कुल 474 सड़कें हैं। इनकी कुल लंबाई 1135.90 किलोमीटर है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो यहां सर्कल कार्यालय से जिला रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ दोनों जिलों की सड़कें संबंधित हैं। जिले में 474 सड़कों के रख-रखाव के लिए समय-समय पर इनकी स्थिति पर नजर रखने की जाती है। चालू वित्त वर्ष के दौरान विभाग की ओर से मंजूरीशुदा सड़कों के निविदा कार्य आवंटित होने के बाद काफी काम देरी से शुरू हुए क्योंकि कोरोना काल में सरकार की कुछ बंदिशें लगी हुई थीं। सड़कों की निगरानी के काम पर भी इसका असर पड़ा। जिले में काफी सड़कों की दशा सुधारने के लिए सरकार के पास अनुमान प्रस्ताव भेजे हुए हैं, जिनकी संख्या दर्जनों में है।
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हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने बनाई 386 सड़कें
- जिले में इस बोर्ड ने अब तक 386 सड़कें बनाई हैं, जिनमें से 331 सड़कें अब इसके पास हैं। कुल 386 सड़कों की कुल लंबाई 896.13 किलोमीटर है। इनमें से 55 सड़कें लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद को स्थानांतरित की जा चुकी हैं, जिनकी कुल लंबाई 112.07 किलोमीटर है। बोर्ड के पास अब 331 सड़कों की कुल लंबाई 784.06 किलोमीटर है। जिले में सड़कों का काम इस बोर्ड के पास पहली जुलाई 1999 को आया। चालू साल में 44 सड़कें बोर्ड ने बनाई हैं। बोर्ड ने 26 अन्य सड़कों के अनुमान तैयार करके इनके सुधारीकरण कार्य आवंटित करने के लिए कुल 59.74 किलोमीटर सड़क निर्माण के कार्य आदेश राज्य मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद जारी होने वाले हैं। बोर्ड जिले की 51 सड़कों का विशेष मरम्मत कार्य करा रहा है।
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केंद्र की ओर से दिया जाता है हाईवे सुधारीकरण के काम के लिए धन
जिले में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड और जहाजरानी मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों के सुधारीकरण का काम कराया जाता है, जिसके लिए धन का आवंटन केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है। एनएचएआई के जयपुर और दिल्ली कार्यालय से हाइवे से संबंधित कार्यों की संस्तुति करने के बाद संबंधित मंत्रालय की ओर से मंजूरी जारी होती है और उसके बाद हाईवे पर सुधार कार्य होता है। एनएचएआई के अधिकारियों की देखरेख में यह काम होता है। जिले में किसी अधिकारी के बैठने की जानकारी देर शाम तक नहीं मिल पाई। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 48 दिल्ली-जयपुर जिला रेवाड़ी की सीमा से होकर गुजर रहा है और यह जिला गुरुग्राम की सीमा से सटे जिला रेवाड़ी के गांव कापड़ीवास से धारूहेड़ा-बनीपुर चौक होते हुए जयसिंहपुर खेड़ा और हरियाणा-राजस्थान की सीमा तक जाता है। इस सड़क भाग की लंबाई 36 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। इसकी दशा और दिशा सुधारने की मांग काफी बार लोगों ने उठाई है। इसके सर्विस लेन भी बदहाल हैं। मुख्य सड़क पर रात के वक्त भी वाहन चालकों को काफी परेशानी महसूस होती है।
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81 सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य हो चुका है पूर्ण
शहर में नगर परिषद के पास सड़कों की संख्या अधिक है। इनमें 81 सड़कों का निर्माण, मरम्मत या सुधारीकरण कार्य पूर्ण करा लिया गया है। 46 का काम प्रगति पर है जबकि 18 विकास कार्य अभी शुरू कराए जाने प्रस्तावित हैं। इनके अलावा 13 विकास कार्यों की निविदाएं खोलने की प्रक्रिया चल रही है। इनको निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा। - सोहन सिंह एमई नगर परिषद।
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कोट
- जिले में सड़कों के निर्माण का काम शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग एजेंसी को आवंटित होता है। मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर कोई काम सीधा भी लोक निर्माण विभाग या मार्केटिंग बोर्ड या अन्य विकास एजेंसी को पूर्ण कराने के लिए सौंपा जा सकता है। जिले में सड़कों के सुधारीकरण के लिए प्रयास जारी हैं। लोक निर्माण विभाग, कृषि विपणन बोर्ड या फिर नगर परिषद सभी अपनी सड़कों की दशा ठीक रखने की कोशिश करते हैं। सरकार की ओर से सभी सड़कों के निर्माण, मरम्मत या सुधारीकरण कार्य की मंजूरी अलग-अलग विभाग के माध्यम से दी जाती है। हम कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से हमारे हिस्से की सड़कों को दुरुस्त रखने के लिए प्रयासरत हैं।
- धर्मपाल, कार्यकारी अभियंता, एचएसएएमबी।
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विधायक बोले
हरियाणा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जिले की सड़कों को लेकर कहा है। अगर प्रदेश में सबसे खराब किसी जिले की सड़कें हैं तो वह जिला रेवाड़ी है। मीडिया भी इस बात को जानता है। दिल्ली रोड पर सड़क का छोटा-सा टुकड़ा, जो 700 मीटर का है, उसकी कार्य निविदा 7 माह बाद जारी हुई और उस पर भी आज तक काम पूरा नहीं हुआ। गांवों में आम फिरनियों में गंदा पानी भरा हुआ है। आदर्श गांव के लिए जो धनराशि सरकार ने विधायक के तौर पर हमें उपलब्ध कराई थी, उसे आए तीन माह बीत गए, कुछ नहीं हुआ। नए बजट में भी जमीनी स्तर पर कुछ नहीं। कोई नई परियोजना भी शामिल नहीं की गई।
- चिरंजीव राव, विधायक रेवाड़ी।