अपनी मांगों को लेकर जानकारी देते किसान। संवाद
बावल। भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को एसडीएम बावल के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने किसानों की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनके मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह किसान आंदोलन का रास्ता फिर अपना सकते हैं।
इस दौरान देवी राम ने बताया कि अमेरिका से हुए व्यापारिक समझौते में खेती को बाहर रखा जाए। इसके अलावा उन्होंने बाजरे की एमएसपी पर खरीद, खाद-यूरिया की उपलब्धता, अधिकृत भूमि का मुआवजा और हाल ही में ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के लिए मुआवजे की भी मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भले ही कृषि कानूनों को वापस ले लिया हो लेकिन आंदोलन के दौरान किए गए वादे आज तक पूरे नहीं किए गए। खेती के संसाधनों पर टैक्स लगाकर किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है और लागत मूल्य में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उन्होंने सरकार पर वादे से मुकरने का भी आरोप लगाया है। इस मौके पर सरजीत सिंह, महेंद्र थानेदार, मुकेश एडवोकेट, नवीन सोहलोत आदि किसान मौजूद रहे।