शहर में छाए स्मॉग का दृश्य। संवाद
- फोटो : Rewari
जिले में शुक्रवार को स्मॉग ज्यादा होने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक 363 रहा। क्षेत्र में दिनभर स्मॉग की चादर छाई रही। स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी होने के अलावा आंखों मे जलन महसूस हुई। स्मॉग बढ़ने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्मॉग छाने के कारण दृश्यता भी कम रही। शहर में शाम के समय सड़कों पर स्मॉग छाया रहा। दीपावली के बाद से ही शहर में स्मॉग की समस्या बढ़ गई थी।
सांस और दिल के रोगी रहें सतर्क
सर्दी की दस्तक के साथ ही स्मॉग की चादर भी गहराने लगी है। दिवाली के दिन से ही हालात बिगड़ने शुरू हो गए थे। स्मॉग की गहरी चादर छाने के कारण सांस व दिल के रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार मास्क लगाकर ही बाहर निकले, क्योंकि स्माग के बारीक कण फेफड़ों में जम जाते हैं। स्मॉग बढ़ने से लोगों ने आंखों में जलन की महसूस की है। धारूहेड़ा में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 363 और पीएम 10 का स्तर 447 व पीएम 2.5 का स्तर 313 रहा।
दमकल विभाग की गाड़ियों से कराया जा रहा पानी का छिड़काव
स्मॉग के कारण सड़क किनारे ऐसे स्थानों पर जहां मिट्टी उड़ती है, वहां पर दमकल विभाग की गाड़ियों व टैंकर भेजकर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर परिषद ने भी पानी का छिड़काव शुरू कराया है।
हवा में उपस्थित धूल और धुएं के कड़ फेफड़ों में जम जाते हैं, जिसके कारण सांस लेने में परेशानी होती है। सांस व दिल के रोगी घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएं। अति आवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें । डॉ. रणबीर सिंह, हृदय रोग विशेषज्ञ।
रेवाड़ी शहर में छाए स्मॉग के बीच गुजरते लोग। संवाद- फोटो : Rewari