किसान आंदोलन के चलते 76 दिन बाद हरियाणा के रेवाड़ी में गंगायचा टोल रविवार की देर शाम से खुल गया है। अब गंगायचा टोल टैक्स से गुजरने वाले वाहन चालकों को टोल का भुगतान करना पड़ेगा। जिले में किसान आंदोलन के कारण बंद रहे टोल को 76 दिन में 9 करोड़ 88 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं किसान आंदोलन के चलते एक साल बंद से हाईवे के कारण पेट्रोल पंप संचालकों को अरबों रुपये की हानि हुई है।
एनएएचआई की ओर से हाईवे पर हादसों के दौरान लोगों को एंबुलेंस की सुविधा भी मुहैया करवाई जाती है, लेकिन तीन माह से यह सेवा बंद थी। ऐसे में हाईवे पर हादसों के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हादसे के बाद मौके पर घायलों को एंबुलेंस नहीं मिल पाती थी। अब नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया की ओर से एंबुलेंस सेवा फिर से शुरू कर दी गई है।
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रतिनिधि बीरेंद्र सिंह छिल्लर ने बताया कि किसान आंदोलन के चलते पेट्रोल पंप करीब एक साल से बंद थे। किसान आंदोलन के चलते हाईवे पर बंद था। इस कारण पेट्रोल पंप संचालकों का काम काफी प्रभावित हुआ है। इससे पहले कोराना के कारण उनको काफी नुकसान हुआ था। रेवाड़ी जिले में हाईवे पर करीब 100 पेट्रोल पंप हैं। एक पेट्रोल पंप संचालक को किसान आंदोलन के चलते करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
वाहन कैटेगरी प्रतिदिन मासिक पास
रविवार की देर शाम टोल प्लाजा शुरू हो गया है। किसान आंदोलन के चलते टोल प्लाजा को काफी नुकसान हुआ है। सभी वाहनों को अनिवार्य तौर पर फास्टैग लगवाना पड़ेगा। टोल प्लाजा बंद रहने के चलते कुछ वाहन चालकों द्वारा फास्टैग रिचार्ज नहीं करवाए होंगे। बिना फास्टैंग वाले वाहनों से दोगना चार्ज लिया जाएगा। - ओम प्रकाश, टोल प्लाजा मैैनेजर