जिला सचिवालय के बाहर किसानों को संबोधित करते किसान नेता रामकिशन महलावत।
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रेवाड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर वीरवार को कृषि कानूनों के विरोध में धिक्कार दिवस मनाया गया। किसानों ने सेक्टर-1 स्थित नेहरू पार्क से लेकर जिला सचिवालय तक प्रदर्शन किया। किसान, महिलाएं व वकीलों आदि ने हाथों में काले झंडे लेकर सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन से पहले नेहरू पार्क में बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राजेंद्र सिंह ने की। सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में चूर है। आवश्यक वस्तु कानून में बदलाव करके अनाज, दाल, आलू, प्याज तेल और तिलहन का असीमित भंडारण करने का कानून बनाने से पूंजीपतियों की लूट और मुनाफा बढ़ेगा। शिक्षा के निजीकरण ने जैसे सरकारी स्कूलों का बर्बाद कर दिया। वैसे प्राइवेट अनाज मंडियां सरकारी अनाज मंडियों को निगल जाएंगी। कंपनियों का अनाज मंडियों पर एकाधिकार हो जाएगा और किसानों से अनाज सस्ते में खरीद कर महंगा बेचेंगी। किसानों का प्राइवेट अनाज मंडी के प्रति आकर्षण बनाने के लिए और किसान आंदोलन के दबाव में सरसों एमएसपी से ज्यादा रेट पर खरीदी है। परंतु सरसों का तेल 200 रुपये प्रति लीटर हो गया। यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली को खत्म करने का पहला कदम है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी का किसान मजदूर आंदोलन का मूड बना चुका है। इस मौके पर किसान नेता रामकिशन महलावत, मनफूल सांगवान, भजनलाल, सुमेर सिंह जैलदार, कैलाश, तेजबहादुर, ओमप्रकाश, जगदीश, सुमन यादव, रविंद्र, अशोक कुमार, समय सिंह, कुलदीप सिंह, मास्टर धर्म सिंह, सतपाल, रामकुमार व विजय सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।