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पहली बार रेवाड़ी में हुए तितलियों के विशेष सर्वेक्षण में 60 प्रजातियों की हुई पहचान

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सर्वेक्षण के दौरान वन एवं वन्य प्राणी विभाग, हरियाणा के पीसीसीएफ एवं चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जगदी - फोटो : Rewari
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जिले के खोल खंड के 10 गांवों में वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा तितलियों का विशेष सर्वेक्षण कराया गया। वन एवं वन्य प्राणी विभाग, हरियाणा के पीसीसीएफ एवं चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जगदीश चंद्र के नेतृत्व में देशभर से आए विशेषज्ञों ने अरावली की पहाड़ी से सटे गांव पालड़ा, अहरोद, बासदूदा, खोल, मनेठी, भालखी, माजरा, नांधा, बलवाड़ी व खालेटा के 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में तितलियों की विविधता का आकलन करते हुए उनकी 60 प्रजातियों की पहचान की। जिसका निष्कर्ष यह निकल कर सामने आया कि अरावली की पहाड़ी का यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए उपयुक्त है।
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जिला वन अधिकारी सुंदर सांभरिया ने बताया कि उपायुक्त यशेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में पर्यावरणीय अध्ययन के लिए यह एक महत्वपूर्ण सर्वेक्षण था। हरियाणा में पहली बार इस तरह का सर्वेक्षण हुआ है। तितलियों को हमारे ईको सिस्टम का बायो इंडिकेटर माना जाता है। तितलियों की उपस्थिति एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। यह समृद्ध और विविध जीवन रूपों की उपस्थिति का भी प्रतीक है। सर्वेक्षण में दिल्ली, मुंबई, फरीदाबाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों से 60 विशेषज्ञों ने भाग लिया। सर्वेक्षण में गुरुग्राम के मुख्य वन संरक्षक एमएस मलिक, हरियाणा स्टेट बायो डायवर्सिटी बोर्ड व स्वयंसेवी संस्था नेचर फर्स्ट ने भी अपना योगदान दिया।
तितली एक महत्वपूर्ण परागणक
जिला वन अधिकारी ने कहा कि हरियाणा में अपनी तरह का यह पहले तितली सर्वेक्षण (पतंगों सहित) का उद्देश्य प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए हर प्रकार के जीवजंतु की महत्ता की जानकारी प्राप्त करना था। तितलियां एक महत्वपूर्ण परागणक भी है व कई पौधों की प्रजातियों को परागित करती हैं। क्योंकि वे फूल से फूल की ओर बढ़ती हैं। पौधों और तितलियों के बीच एक सहजीवी संबंध है।
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पर्यावरण प्रबंधन की रणनीति तैयार करने में कारगर सर्वेक्षण
उन्होंने बताया कि एक दिवसीय सर्वेक्षण में तितलियों की 60 प्रजातियों की पहचान होने से विशेषज्ञ भी दंग रह गए हैं। अरावली क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के कारण ही आज बड़ी संख्या में तितलियों की पहचान हुई है। इस सर्वेक्षण के परिणाम से तितलियों और पतंगों के संरक्षण के लिए प्रबंधन रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
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