फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाटूसाना, बावल और खोल ब्लॉकों के 35 गांवों की पांच हजार एकड़ फसल हो सकती है खराब

विज्ञापन
पाल्हावास उप-तहसीलों के खेतों में भरे पानी का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सि? - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी। जाटूसाना ब्लॉक में पाल्हावास तहसील में पड़ने वाले करीब 20 गांव, बावल ब्लॉक के 10 व खोल ब्लॉक में करीब पांच गांवों की फसलें खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। रविवार को हुई भारी बारिश के बाद से ही चार-चार फीट पानी खड़ा होने से करीब पांच हजार हेक्टेयर में बाजरे व कपास सहित अन्य फसलों के खराब होने की आशंका है।
विज्ञापन

चिंतित किसान लगातार जिला सचिवालय पहुंचकर विशेष गिरदावरी की मांग कर रहे हैं। वहीं कृषि अधिकारियों की ओर से कहा जा रहा है कि पूरे जुलाई में बारिश की संभावना है। बारिश के बीच में गिरदावरी संभव नहीं है। बारिश के बाद ही गिरदावरी हो पाएगी। बता दें कि जिले में किसानों ने 40 हजार हेक्टेयर में बाजरे व 10 हजार हेक्टेयर में कपास की बिजाई की हुई है।
बीते रविवार को जिले में 25 साल बाद रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई थी। बावल व खोल ब्लॉक में राजस्थान की ओर से आने वाले पानी व पाल्हावास तहसील में जवाहर लाल नेहरू कैनाल के समीप बसे गांव में पानी का स्तर ऊपर होने के चलते खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मंत्री से लेकर उनके प्रतिनिधि व प्रशासन की ओर से भी मुआयना किया जा रहा है। लेकिन जब तक कृषि अधिकारी व पटवारी मुआयना नहीं करते, गिरदावरी नहीं हो सकती है। ऐसे में किसानों ओर से तत्काल गिरदावरी कर राहत देने की मांग की जा रही है। बुधवार को प्रदेश के सहकारिता मंत्री ने बावल क्षेत्र में प्रभावित गांवों में स्पेशल गिरदावरी के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।
विज्ञापन

सैकड़ों की संख्या में रोझूवास के किसान पहुंचे सचिवालय
वीरवार को सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों में सवार होकर पाल्हावास उप-तहसील के रोझूवास गांव के किसानों सहित अन्य लोगों ने जिला सचिवालय पहुंचे। उन्होंने खरीफ की फसल बारिश के पानी से खराब होने व गिरदावरी कर मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने कहा कि क्षेत्र के लोग पूरी तरह से कृषि पर आधारित हैं। खरीफ की फसल बाजरा, ज्वार, कपास, मक्की, तिल व अन्य फसलों की बिजाई की हुई है। 18 व 19 जुलाई को आई भारी बारिश के चलते फसलों में तीन से चार फीट पानी खड़ा हुआ है और फसलें खराब होने के कगार पर है। फसलों के अलावा कमाई का कोई अन्य साधन नहीं है। अभी तक गांव के चारों तरफ पानी भरा हुआ है। ऐसे में सरकार फसल की गिरदावरी कर मुआवजा दे, ताकि किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान नंबरदार पवन सिंह, किसान ज्ञान सिंह, सूबे सिंह, मनफूल, सवाचंद, सूरजभान, बलवान, जगदीश, मनोज, अशोक, धर्मबीर, जोगिंद्र, हवा सिंह, कृपाराम, सतपाल व स्वरूप सहित अन्य किसान मौजूद रहे। बता दें इस क्षेत्र में टहना मस्तापुर, शादीपुर, रोझूवास, लाला, रोहड़ाई, आसावास सहित अन्य गांव के खेतों में जलभराव की समस्या है।
बावल में राजस्थान से आने वाले पानी की समस्या
बावल के राजस्थान से सटे गांवों के खेतों में जलभराव से फसलें खराब हो रही हैं। बता दें कि यहां पर अरावली पहाड़ियों से खंडोडा, टांकड़ी, राजगढ़, गढ़ी, सांजरपुर, धारण सहित 10 से अधिक गांवों के खेतों में राजस्थान की ओर से आने वाला पानी खड़ा हुआ है। इसको लेकर बुधवार को ही सहकारिता मंत्री ने गांवों को दौरा कर गिरदावरी के आदेश दिए थे। वहीं खोल क्षेत्र के मूंदी में भी राजस्थान के बहरोड की तरफ से आने वाला पानी आकर रुक जाता है। इससे मूंदी, बिटोड़ी, प्राणपुरा, मामडिया आसमपुर, मामडिया ठेठर सहित कई गावों के खेेतों में पानी भरा हुआ है।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के पीए ने भी नुकसान का लिया जायजा
सोमवार को जिले में आई भयंकर बारिश के कारण कई गांवों में जलभराव से फसलों को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही कई गांवों में मकानों को भी नुकसान हुआ है। कई गांवों में जलभराव के कारण मकान ध्वस्त हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के निजी सचिव रवि यादव ने वीरवार को कोसली व रेवाड़ी विधान सभा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। मानसून सत्र के चलते केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व्यस्त हैं। ऐसे में उन्होंने अपने निजी सचिव रवि यादव को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्र के गांवों में जाकर किसानों से बातचीत करें और नुकसान का जायजा लेकर उन्हें रिपोर्ट करें। रवि यादव ने गांव चौकी नंबर-1 जीवड़ा, मालियाकी, चान्दनवास, आशियाकी, रोहड़ाई, रोजूवास, नूरपुर, शादीपुर, मस्तापुर, गंगायचाजाट व बीकानेर आदि गांवों का दौरा कर वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान क्षतिग्रस्त मकानों का भी जायजा लिया गया।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के पीए रवि यादव ने कहा कि जलभराव के कारण फसलों का जो नुकसान हुआ है और जिन लोगों के मकान बारिश के कारण गिर गए हैं उनकी पूरी रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को तुरंत भेजी जाएगी। उस पर मंत्री जी शीघ्र कार्रवाई करेंगे।
इधर, कृषि विभाग के एसडीओ दीपक यादव ने कहा कि कुछ गांवों में जलभराव से फसलें खराब होने की सूचना मिली है। चार-पांच दिन पानी रुकने के बाद ही फसल खराब होने की आशंका रहती है। पूरी जुलाई में बारिश की संभावना है। इसके बाद ही जायजा लिया जाएगा, कृषि विभाग लगातार किसानों के संपर्क में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें