रेवाड़ी। सिंचाई विभाग की 15 करोड़ रुपये से अधिक की पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत राजपुरा खालसा, किशनगढ़ और बलावास जमापुर में 900 एमएम व्यास की आरसीसी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। स्थायी पंप हाउस का निर्माण भी किया जाएगा। अकेले इस योजना पर लगभग 3.49 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बारिश के मौसम में इन गांवों में खेतों और घरों में पानी भरने की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। नई पाइपलाइन और पंप हाउस के माध्यम से अतिरिक्त पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी, जिससे जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
गोकलपुर-कुंभवास क्षेत्र में एस्केप चैनल का री-मॉडलिंग कार्य किया जाएगा। किलोमीटर 3 से 4.8 तक चैनल को दुरुस्त कर बरसाती पानी के बहाव को व्यवस्थित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 3.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस कार्य के पूरा होने से गोकलपुर-कुंभवास स्कूल के आसपास बनने वाली गंदगी और जलभराव की समस्या समाप्त होगी। साथ ही किसानों को खेतों तक जाने वाले मार्ग की बहाली का लाभ भी मिलेगा।
जिले में हर साल मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए इस बार प्रशासन ने ठोस और स्थायी कदम उठाए हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, जिससे आबादी और कृषि भूमि को राहत मिलने की उम्मीद है।
गांव लिलोढ़ में जलनिकासी पर खर्च होंगे 4.11 करोड़ रुपये
कोसली क्षेत्र के गांव लिलोढ़ में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत बाढ़ के पानी की निकासी और उसके पुन: उपयोग के लिए पंप हाउस तथा पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा। इस योजना पर करीब 4.11 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना का उद्देश्य खेतों से अतिरिक्त पानी निकालकर उसे उपयोगी बनाना है ताकि जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। इससे किसानों को दोहरा लाभ मिलेगा एक ओर जलभराव से राहत और दूसरी ओर पानी के संरक्षण की सुविधा।
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अतिरिक्त पानी निकालने में मिलेगी सहायता
गोकलगढ़ गांव में जेएलएन नहर के किनारे ट्यूबवेल लगाए जाएंगे ताकि भूजल स्तर को नियंत्रित कर जलभराव की समस्या कम की जा सके। इस योजना पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ट्यूबवेल के माध्यम से अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से निकाला जाएगा, जिससे खेतों में फसल नुकसान की आशंका कम होगी।
पंप हाउस पर खर्च होंगे 1.50 करोड़ रुपये
गांव नैनसुखपुरा क्षेत्र में जेएलएन नहर के 18.50 किलोमीटर बिंदु पर स्थायी पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह पंप हाउस खेतों और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी निकालने में सहायक होगा। अधिकारियों के अनुसार इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों को स्थायी राहत मिल सकेगी।
डिवाटरिंग योजना ड्रॉप
पूर्व में स्वीकृत कुछ डीवाटरिंग योजनाओं की समीक्षा की गई है ताकि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में किया जा सके। पटौदी डिस्ट्रीब्यूटर के 0.500 किलोमीटर पर स्थायी फ्लड पंप हाउस का निर्माण होना थी जिसपर लगभग 1.19 करोड़ रुपये खर्च होने थे। वहीं पहराजवास, पल्हावास, सुम्माखेड़ा और रतनथल गांवों के लिए भी 6.34 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना है। हालांकि, ये डिवाटरिंग योजना ड्रॉप कर दी गई है।
वर्जन
जिले में सिंचाई विभाग की पांच परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। जिन जगहों पर जलभराव की समस्या है वहां पर निकासी का कार्य करवाया जाएगा। पिछले दिनों मुख्यालय में इसे लेकर बैठक हुई थी। -दीपक, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।