हरियाणा के रेवाड़ी जिले में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एक होटल में आग लग गई। आग के कारण होटल के काउंटर में रखे कैश सहित करोड़ों रुपये का सामान जल गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। होटल के मैनेजर अंकित ने बताया कि मेन काउंटर में 50 हजार रुपये कैश रखे हुए थे। साथ ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान जल गया।
जिले के गांव मालपुरा निवासी सुनीता ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर अपने ही गांव की सीमा में विनायक होटल किराये पर लिया हुआ है। सोमवार देर रात करीब 2 बजे अचानक होटल में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते सबकुछ जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही रेवाड़ी और धारूहेड़ा से दमकल की दोगाड़ियां मौके पर पहुंची।
करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट आग की वजह सामने आई है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
पिछले एक माह में घट चुकी घटनाएं
पहला केस: नागरिक अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड में 28 अप्रैल की देर रात करीब साढ़े 10 बजे आग लग गई थी। नवजात शिशु वार्ड में लगे एसी में से गैस रिसाव के बाद आग लगी। आगजनी के समय वार्ड में 7 नवजात शिशु व जच्चा बच्चा वार्ड में करीब 20 महिलाएं भर्ती थी जिन्हें सकुशल बाहर निकालकर दूसरे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दूसरा केस: धारूहेड़ा के गांव नंदरामपुर बास में 27 अप्रैल की रात ट्रांसफार्मर से उठी चिंगारी से आग गई। आग लगने से आधा दर्जन घरों का ईंधन, सेटरिंग व घरेलू सामान जल कर राख हो गया। आग बुझाने के प्रयास में दो व्यक्ति बुरी तरह से झुलस गए थे। रात को सूचना पाकर धारूहेड़ा थाना पुलिस और खुशखेड़ा व धारूहेड़ा दमकल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तीन गाड़ियों की मदद से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
तीसरा केस: शहर के दिल्ली रोड पर 19 अप्रैल को बॉस नामक कार मरम्मत एवं सुधार केंद्र में आधी रात के वक्त आग लग गई थी जिसमें चार कारें पूरी तरह जल गई थीं जबकि पांच अन्य कारों को काफी नुकसान हुआ था। इस आग में कारों की कीमत के अलावा लाखों रुपये का अन्य साजो सामान जल गया था।
चौथा केस: 4 अप्रैल को औद्योगिक क्षेत्र बावल के सेक्टर-3 में बीज निर्माता कंपनी में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी, जिसमें लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया था।
पांचवा केस: शहर के कोनसीवास रोड पर झुग्गियों में 4 अप्रैल को खाना बनाते वक्त छोटे सिलेंडर में आग लगी जिसमें पांच झुग्गियां जलकर राख हो गई थी। इस घटना में एक महिला जिंदा जलने से बाल-बाल बच गई थी।
छठा केस: 23 अप्रैल की अल सुबह दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित गांव जड़थल में यूनिप्रोडक्ट कंपनी के गोदाम में आग लगने से वहां रखा सारा सामान और तैयार उत्पाद जलकर स्वाहा हो गया था। इस आग को बुझाने में पांच घंटे, एक लाख लीटर पानी, तीन फायर बिग्रेड गाड़ी व 14 कर्मचारी लगे थे।
सातवां केस: 24 अप्रैल की रात करीब 11 बजे शहर के सर्कुलर रोड स्थित ब्रह्मगढ़ के सामने दो दुकानों में भीषण आग लग गइ थी। दुकानों में रखे 25 मोबाइल फोन सहित लाखों रुपये का माल खाक हो गया था। दमकल केंद्र कर्मियों द्वारा आग को एक घंटे में बुझाया गया था।
बता दें, जिले और शहर में आग लगने की घटनाओं में अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है मगर लगातार होती ऐसी घटनाएं आम लोगों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को चौकन्ना होने का इशारा जरूर दे रही हैं।
बीती देर रात करीब ढाई बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसमें रेवाड़ी व धारूहेड़ा से दो गाड़ियों की मदद से आग को बुझाया गया। इसमें बैंक मैनेजर की माने तो उन्होंने डेढ से दो करोड़ रुपये का नुकसान बताया है। आग लगने का कारण भी अभी तक शॉट सर्किट ही है। - देसराज, फायरमैन, दमकल केंद्र, धारूहेड़ा।