रेवाड़ी। बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) के बैनर तले किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया। इसके बाद किसानों ने जुलूस निकालकर सचिवालय के गेट पर प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल को सौंपा।
किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द ही एमएसपी दर पर बाजरे की खरीद शुरू नहीं की गई तो वे हाईवे पर जाम लगाएंगे। जिला प्रधान रामकुमार के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में किसानों ने सरकार से बाजरा की घोषित एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की। किसानों ने भावांतर योजना को बंद कर फसल की पूरी राशि एमएसपी के अनुसार सीधे उनके खातों में देने की मांग भी उठाई।
एडवोकेट राजेंद्र सिंह ने कहा कि मंडियों में बाजरा पहुंचना शुरू हो गया है, लेकिन एमएसपी पर सरकारी खरीद नहीं होने के कारण किसानों को कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल समेत कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक अक्तूबर से बाजरा की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो एआईकेकेएमएस और संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुलाकर आंदोलन को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा रेवाड़ी के अध्यक्ष बाबू अभय सिंह ने भी संयुक्त आंदोलन पर जोर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बाजरा का एक-एक दाना खरीदने और किसानों के खातों में बिना देरी पूरी एमएसपी राशि डालने की मांग की। इस दौरान हेमंत पिलानी, बीरेंद्र सिंह, अमर सिंह राजपुरा, महेंद्र सिंह खोल, शेर सिंह मीरपुर, बाबूलाल कालाका, धर्मपाल आलियावास सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे। जिला राजस्व अधिकारी ने किसानों को बताया कि सरकारी खरीद के लिए तैयारियां की जा रही हैं।