मूंदी बस स्टैंड पर किसानों को संबोधित करते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य राजेंद्र सिंह।
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने गांव मूंदी में किसान पंचायत आयोजित की। होशियार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत में किसानों ने कृषि कानूनों, संशोधित बिजली बिल का विरोध जताया। साथ ही एमएसपी की गारंटी को कानूनी रूप देने की मांग की। मंच संचालन मास्टर धर्म सिंह ने किया।
पंचायत में 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने व गंगायचा टोल को बंद करने को लेकर रणनीति बनाई गई। राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से घबराई हुई है। सरकार को हर हाल में इन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना होगा। अगर सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो किसान भी किसी भी कीमत पर घर नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अब कृषि का निजीकरण करके एक किसान को उसके ही खेत में मजदूर बनाने का कानून लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकारी अनाज मंडी खत्म करके प्राइवेट अनाज मंडी लाकर तमाम आवश्यक चीजों पर पूंजीपतियों का कब्जा हो जाएगा और भूख को व्यापार के चीज बना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 19 को डहीना, 22 को श्योराज माजरा व 24 को बेरली में पंचायतें होंगी। उसके बाद एक जगह पर महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें कई बड़े निर्णय लिए जाएंगे। मनोवैज्ञानिक सुमन देवी ने कहा कि इस आंदोलन में महिलाओं कि भागीदारी को बढ़ाया जाए। इस तरह की पंचायतों का सिलसिला जारी रहेगा। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूूनी के नेता समय सिंह, अभय सिंह, अशोक कुमार, रामकुमार, विजय कुमार, आनंद यादव, अनिल आदि ने विचार रखे। इस दौरान एक 8 सदस्यों की कमेटी का भी गठन किया गया। जिसमें सोमदत्त, जोरावर सिंह, धर्मपाल, शिवपाल, प्रताप सिंह, अमर सिंह, जगत सिंह को सदस्य बनाया गया। वहीं होशियार सिंह व बीरेंद्र सिंह को सलाहकार बनाया गया।