संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। अनियमित जीवनशैली के चलते थायरॉइड के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल की सामान्य ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 300 मरीज आते हैं जिनमें 20 से 30 मरीज थायरॉइड के मिलते हैं। ओपीडी में हर 10वां मरीज थायराइड से पीड़ित मिल रहा है।
इस बार विश्व थायराइड दिवस 2025 का विषय थायराइड रोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता है। यह विषय थायराइड विकारों के निदान, प्रबंधन और समझने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालता है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर गौरव यादव ने बताया कि थायरॉइड की समस्या सभी उम्र के लोगों में बढ़ती हुई देखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि हमारे गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि जब बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन का उत्पादन करने लगती है, तो इसके कारण कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। थायरॉइड के चलते मोटापा, बीपी, मधुमेह, लिवर, हृदय के अलावा ब्रेन सिस्टम को भी प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि हमारी जीवनशैली और खान-पान की गड़बड़ी इन विकारों को बढ़ाने वाली हो सकती है, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना और बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। सही आहार, नियमित व्यायाम जैसे उपायों की मदद से आप इन समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
यह करें थायरॉइड के मरीज:
30 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से थायरॉइड टेस्ट कराते रहना चाहिए। आयोडीन युक्त भोजन (नमक, दही, केला, मछली), साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। नियमित व्यायाम की आदत बनाएं। सर्वांगासन, हलासन, भुजंगासन जैसे योग इस रोग में काफी फायदेमंद है। थायरॉइड हार्मोन असंतुलन के कारण नींद की समस्या हो सकती है। कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। फास्ट फूड्स, ज्यादा तला-भुना खाना या मीठे पेय पदार्थों से बचें।