शिक्षाविदों को विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कौशल विकास पर बल देने की आवश्यकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस भी युवा के पास कौशल और निपुणता होगी उसके पास रोजगार के भरपूर अवसर रहेंगे। यह बात मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में आजादी का अमृत महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी इस परिसर से शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन के अगले पड़ाव में प्रवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य नौकरी ही हासिल करना नहीं है, बल्कि अपने कौशल से नए आइडिया पर काम करते हुए क्षेत्र व देश के विकास में योगदान देना है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी उद्देश्य को लेकर स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया व स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम आरंभ किए हैं। हरियाणा सरकार ने भी नई शिक्षा नीति को लेकर सराहनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले शहीदों के प्रति सदैव ऋणी होना चाहिए। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति के 75 वर्ष के अवसर पर यह संकल्प लेना चाहिए कि जब 2047 में आजादी हासिल करने का शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा तब हमारा देश दुनिया की महाशक्ति बने। राज्यपाल ने कहा कि अगले 25 वर्ष तक हम सबको खेल, विज्ञान, उद्योग, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के उद्देश्य के संकल्प के साथ बढ़ना है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने योग, देशभक्ति गीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को अद्भुत व दिल को छूने वाला प्रदर्शन बताया। उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. एसएस यादव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष पारीशा शर्मा, डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर विजय अरोड़ा, प्रो. ममता कामरा व एसडीएम रविंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल के विश्वविद्यालय आगमन पर कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय का कुलपति प्रो. एसके गक्खड़, आईजी डॉ. एम रवि किरण, उपायुक्त यशेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल व कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने स्वागत किया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण करने के अलावा जलघर की आधारशिला रखी। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, लाइब्रेरी गेट व उनके चित्र का अनावरण किया। इतना ही नहीं नवनिर्मित विक्रम साराभाई वीडियो कांफ्रेंस कक्ष का शुभारंभ, राष्ट्रीय ध्वज स्थल पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र व फार्मास्युटिकल विभाग के सेमिनार हॉल में डिजिटल बोर्ड का भी अनावरण किया।
विद्यार्थियों से संवाद किया
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के बाद लाइब्रेरी में रिसर्च स्कॉलर व फार्मास्युटिकल विभाग के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और फार्मा विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ-साथ क्षेत्र की बड़ी कंपनियों का दौरा करने की सलाह दी। साथ ही फार्मा क्षेत्र में नए इनोवेटिव आइडिया पर काम कर अपने क्षेत्र व देश के विकास में योगदान देने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को खुले मन व विचार से जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए-नए विषयों का ज्ञान प्राप्त कर अपने संस्थान के प्रति जीवनभर कृतज्ञ रहना चाहिए।
विवि की प्रगति व भविष्य से जुड़े कार्यों की समीक्षा की
राज्यपाल ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में सभी विभागाध्यक्षों के साथ विश्वविद्यालय की प्रगति व भविष्य से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागाध्यक्षों को समय-समय पर नवीनतम टेक्नोलॉजी से अपडेट रहने के लिए कहा। राज्यपाल ने कहा कि आप अपडेट रहेंगे तभी विद्यार्थियों को भी इनका ज्ञान मिलेगा। शिक्षकों की प्रेरणा से जीवन में आवश्यक परिवर्तन आते हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वविद्यालय की प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसके गक्खड़ ने संस्थान की प्रगति व मांग के संबंध में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया।
आईजीयू मीरपुर के प्रांगण में पौधरोपण करते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय। संवाद- फोटो : Rewari
साराभाई वीडियो कान्फ्रेंस प्रयोगशाला का उद्घाटन करते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय। संवाद- फोटो : Rewari