रेवाड़ी। बिजली निगम को आखिरकार पीड़ित उपभोक्ता को जुर्माने की राशि देनी ही पड़ी। दरअसल एक उपभोक्ता पर बिजली निगम की ओर से झूठा केस दर्ज कर दिया गया था जो निगम को महंगा पड़ गया। अब बिजली निगम ने उपभोक्ता को 82,960 रुपये का चेक दिया है। दरअसल, 31 मई 2023 को जिला कंज्यूमर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था और स्पष्ट किया था कि बिजली निगम उपभोक्ता सोना देवी को परेशान करता आ रहा है। इसलिए बिजली निगम 50,000 सोना देवी को देगा। साथ में 11000 लिटिगेशन चार्ज, पूरी रकम पर 9 प्रतिशत ब्याज जब से वाद दायर किया गया तब से लेकर वाद पूरा होने तक और एक माह में पूरा पैसा नहीं दिया गया तो 12 प्रतिशत ब्याज लगाया जाएगा। बिजली निगम ने अब 12 प्रतिशत ब्याज सहित 82,960 रुपये का चेक सोना देवी के नाम का चेक दिया। मोहल्ला विकास नगर निवासी सोना देवी ने बताया कि 16 सितंबर 2020 सुबह लगभग 5 बजे बिजली निगम उनके घर का बिजली मीटर उतार ले गए और उनके खिलाफ बिजली चोरी का एक केस बना दिया था। उन्होंने 22 सितंबर 2020 को जिला न्यायालय का रुख किया था।
कोर्ट को बिजली निगम ने किया गुमराह
कैलाश चंद एडवोकेट ने कंज्यूमर कोर्ट को अवगत करवाया की बिजली निगम ने कोर्ट को गुमराह किया है। बिजली निगम ने अपने जवाब में ओर जन सूचना अधिकार कानून के जवाब दोनों अलग अलग विपरीत दिए हैं। 31 मई 2023 को जिला कंज्यूमर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था।