रेवाड़ी। आए दिन होने वाले सड़क हादसों के पीछे चालकों की लापरवाही नहीं, बल्कि सड़कों की बनावट, संकेतकों की कमी भी बड़ा कारण है। जिले से गुजर रहे दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों सहित जिले के विभिन्न सड़कों पर दर्जनों ऐसे पॉइंट हैं, जहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन इन पॉइंट की ओर न तो लोक निर्माण विभाग ध्यान दे रहा है और न ही प्रशासन की ओर से गंभीरता दिखाई जा रही है। प्रति वर्ष सड़कें सैकड़ों लोगों का जीवन लील रही है। करीब चार वर्ष पूर्व प्रशासन द्वारा सर्वे के बाद खतरनाक प्वाइंट निर्धारित किए गए थे, लेकिन बात इससे आगे नहीं बढ़ पाई। जिले से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 व 71 तथा अन्य राज्य मार्गों पर पचास से भी अधिक डेंजर पॉइंट हैं। डेंजर पॉइंट पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध न होने का परिणाम सड़क हादसों के रूप में सामने आ रहा है। आज भी यह डेंजर पॉइंट मौत बांट रहे हैं।
आए दिन होते हैं हादसे
नारनौल रोड पर माजरा मोड़ व महेंद्रगढ़ रोड सीहा और नांगलमूंदी के निकट भी आए दिन हादसे होते हैं। प्रतिदिन इन डेंजर पॉइंट पर कहीं न कहीं सड़क हादसों होते रहते हैं। अधिकतर जगह पर पर संकेतकों की कमी है। हुडा बाईपास पर चिह्नित किए गए पॉइंट पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए प्रबंध किए गए है, जिसके बाद हादसों में कमी आई है।
यहां है ब्लैक स्पॉट
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर खरखड़ा मोड़, सोहना टी-प्वॉइंट, साहबी पुल, काठूवास, आसलवास कट, बनीपुर चौक, साबन चौक, ओढ़ी कट तथा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-71 पर मांढैया कट, रोहडाई मोड़, पाल्हावास चौराहा, हुडा बाइपास पर राजेश पायलट चौक, कालाका चौक व राव अभय सिंह चौक सहित लगभग 50 से अधिक डेंजर पॉइंट चिह्नित किए गए हैं।
सड़कों पर होती है अवैध पार्किंग
यातायात के लिए शहर का सर्कुलर रोड भी सुरक्षित नहीं है। शहर के नाईवाली चौक पर सबसे अधिक सड़क हादसे सामने आते हैं। सड़कों पर अवैध पार्किंग की समस्या भी गंभीर है। हाईवे पर सड़कों पर खड़े होने वाहन भी हादसों का कारण बन रहे हैं। शहर के सर्कुलर रोड पर स्थित विभिन्न संस्थानों व अस्पतालों के पास भी पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं।
सड़कों के निर्माण और कायाकल्प का कार्य जारी हैं। जहां पर ब्लैक स्पॉट हैं जल्द उन्हें बंद करा दिया जाएगा।
योगेश पाठक, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई