रेवाड़ी। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से यूजी कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया के तीसरे दिन पोर्टल पर आवेदन करने में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, पर उनको फैमिली आईडी के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं सीबीएसई बोर्ड से पास आउट विद्यार्थियों को पोर्टल पर बेस्ट फाइव की जगह 6 विषयों के अंक उठाने के कारण उनके प्राप्त अंक का प्रतिशत कम हो रहा है।
उच्चतर शिक्षा शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार से दाखिला प्रक्रिया शुरू की गई है। दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन ही विद्यार्थियों को दोपहर 1 बजे तक पोर्टल खुलने का इंतजार करना पड़ा। वहीं दूसरे दिन भी दोपहर के समय सर्वर डाउन रहा और तकनीकी खामियों के चलते भारी परेशानी उठानी पड़ी। विद्यार्थियों को दाखिला लेते समय सबसे ज्यादा समस्या उनकी फैमिली आईडी को लेकर हो रही है। साफ्टवेयर आवेदक के घर के पते को ऑटो फेच (सर्च) नहीं कर पा रहा है। पोर्टल पर पता को मैन्युवली भरने का विकल्प भी नहीं है। इसके साथ ही सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सॉफ्टवेयर के बेस्ट फाइव की जगह छह विषयों के अंक उठाने से आ रही है।
इससे अतिरिक्त विषय लेने वाले विद्यार्थियों का पास प्रतिशत 6 से 10 प्रतिशत कम हो जाता है। इसके साथ ही दाखिला फार्म भरवाने के लिए ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट को लेकर भी छात्रों के दाखिले भी रद्द हो रहे हैं। इसका कारण सर्टिफिकेट में जो इनकम दिखाई जा रही है वह उस स्टूडेंट की फैमिली आईडी से मिलान नहीं खा रही है।
सीबीएसई-एचबीएसई से लिंकअप किया सॉफ्टवेयर
हायर एजुकेशन ने सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड से सॉफ्टवेयर को लिंकअप कर दिया है। ऑनलाइन फार्म भरना शुरू करते ही विद्यार्थी का नाम, रोल नंबर, बोर्ड व पासिंग ईयर की जानकारी सॉफ्टवेयर द्वारा मांगी जाती है। इसके बाद सॉफ्टवेयर द्वारा फैक्स द डेटा की मांग की जाती है। डेटा अपलोड करते ही गेट द डेटा की नोटिफिकेशन के साथ हायर एजुकेशन का सॉफ्टवेयर खुद ही छात्र का डेटा सीबीएसई या एचबीएसई बोर्ड की साइट से उठा लेता है। हालांकि इस सॉफ्टवेयर से जहां पहले की भांति हर छोटी-छोटी डिटेल विद्यार्थी को फॅार्म में नहीं भरनी पड़ती, वहीं इस सॉफ्टवेयर में काफी खामियां भी हैं। यदि किसी विद्यार्थी का एक विषय कमजोर था, उसमें विद्यार्थी के 50 नंबर हैं और अन्य पांच विषयों में 90-90 अंक हैं तो ऐसे में विद्यार्थी के बेस्ट फाइव सब्जेक्ट्स में कुल 450 नंबर होते हैं। 450 को यदि 5 से भाग किया जाए तो विद्यार्थी के 90 प्रतिशत अंक बनते हैं। अब इन्हीं 450 नंबर में हम छठे विषय के 50 अंक और जोड़ते हैं तो कुल नंबर 500 बनेंगे, लेकिन पास प्रतिशत 600 में से निकलेगी जो 83.3 प्रतिशत होगी। यानी विद्यार्थी का 7 प्रतिशत अंक कम हो जाता है।
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विद्यार्थियों को यह भी हो रही परेशानी
गांवों में पटवारी से झूठे ईडब्ल्यूएस बनवाने वाले विद्यार्थियों के सामने भी चुनौतियां आ रही हैं। क्योंकि फार्म भरने के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। इसमें पैन कार्ड लिंक होने की वजह से परिवार की सारी प्रमाणित वार्षिक आय की जानकारी उसमें एड होती है। ऐसे में झूठे इनकम सर्टिफिकेट बनवाने वाले विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट में आय अलग तो परिवार पहचान पत्र में अलग होगी। इस वजह से भी दाखिला रद्द हो रहा है।