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Rewari News: जिले के 50 गांवों में बनेंगे डंपिंग स्टेशन, 1.97 करोड़ का बजट मंजूर

Wed, 05 Feb 2025 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले को स्वच्छ व सुंदर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत पंचायत एवं विकास विभाग के सहयोग से जिले के 50 गांवों में डंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने 1 करोड़ 97 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। प्रति डंपिंग स्टेशन पर 3.95 लाख रुपये खर्च होंगे। यहां डंप होने वाले सूखे कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में होगा। गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी।
गांव से निकलने वाले कचरे को यहीं एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए डंपिंग स्टेशन पर शेड के निर्माण के साथ इसके चारों तरफ दीवार भी बनाई जाएगी, ताकि कूड़ा चारों तरफ न फैले। इन डंपिंग स्टेशन पर गीले व सूखे कचरे को भी अलग किया जाएगा। इसके बाद जैविक कचरे को कंपोस्टिंग प्रक्रिया के जरिए जैविक खाद्य में परिवर्तित किया जाएगा, जिसे गांवों के किसानों को पंचायत द्वारा उचित राशि पर दिया जाएगा। इसके अलावा सूखे कचरे से निकलने वाले कचरे जैसे प्लास्टिक, कांच, धातु आदि को रीसाइकिल इकाइयों तक भेजा जाएगा। जहां इन्हें दोबारा से उपयोग योग्य बनाया जाएगा।
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ऐसा कचरा जो गैर-पुनर्चक्रण योग्य होगा, उसका वैज्ञानिक तरीकों से निष्पादन किया जाएगा। इसी के साथ इसका उपयोग लैंडफिल या ऊर्जा उत्पादन के साथ ऐसे कचरे को पंचायत द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग को बेचा जाएगा। इसके बाद इसका उपयोग सड़क बनाने में भी किया जाएगा। विभाग ने यह कदम गांवों से निकलने वाले कचरे के उचित निपटान के लिए उठाया है। क्योंकि अभी तक यह देखा जा रहा था कि गांवों से निकलने वाले कूड़े का उचित निपटान न होने से ग्राम वासियों को जल व मिट्टी प्रदूषण के साथ-साथ गंदगी व बदबू जैसी परेशानियों से जूझना पड़ रहा था। अब गांवों में डंपिंग स्टेशन का निर्माण कर कूड़े का सही तरीके से निपटान किया जाएगा। इससे गांव तो स्वच्छ बनेंगे ही साथ ही इससे निकलने वाले कचरे को खाद बनाने, रीसाइकिल करके उपयोग में लेने और सड़क बनाने जैसे कार्यों में उपयोग करके ग्राम पंचायत की आय में भी वृद्धि की जा सकेगी।

ग्राम पंचायत की आय में होगी बढ़ोतरी
गांवों में डंपिंग स्टेशन के निर्माण से एक तरफ तो गांवों के कचरे को एक जगह एकत्रित किए जाने से गांव स्वच्छ होंगे और गांवों में जगह-जगह कूड़े के ढेर नहीं लगेंगे। वहीं, दूसरी तरफ कचरे को अलग-अलग करके जैविक कचरे से खाद्य बनाई जाएगी। इसे ग्राम पंचायत द्वारा किसानों को उचित मूल्य पर दिया जाएगा। पुनर्चक्रण योग्य कचरे को रीसाइकिल करके इसका उपयोग किया जा सकेगा। वहीं गैर-पुनर्चक्रण योग्य कचरे को लैंडफिल व ऊर्जा उत्पाद में उपयोग करने के साथ ही इसे पीडब्लूडी विभाग को ग्राम पंचायत द्वारा बेचा जाएगा। फिर पीडब्लूडी विभाग इसे सड़क निर्माण में उपयोग करेगा। इससे ग्राम पंचायत की आय में भी वृद्धि हो सकेगी और ग्राम पंचायत इस पैसे का उपयोग गांव के विकास में लगा सकेगी।

मुख्य आबादी से दूर होगा डंपिंग स्टेशन का निर्माण
गांवों में डंपिंग स्टेशन का निर्माण गांव के मुख्य आबादी के क्षेत्र से दूर किया जाएगा। वहीं स्थान का चयन इस तरीके से किया जाएगा। ताकि इससे पर्यावरण और जल स्रोतों पर बुरा प्रभाव न पड़े। इसी के साथ डंपिंग स्टेशन को आधुनिक तकनीक द्वारा इस तरीके से डिजाइन किया जाएगा। ताकि अलग-अलग तरह के कचरे के निपटान के लिए एक ही जगह अलग-अलग खंड का निर्माण किया जा सके।
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वर्जन
गांवों को स्वच्छ बनाने व गांवों से निकलने वाले कचरे को एक ही जगह एकत्रित करने के लिए जिले के 50 गांवों में डंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसका बजट मंजूर हो चुका है। जल्द ही विभिन्न गांवों में जगह को चिन्हित करके निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा।
- सचिन शर्मा, प्रोजेक्ट ऑफिसर, जिला परिषद, रेवाड़ी।
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