फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आदि शक्ति की उपासना में लीन हुए भक्त

विज्ञापन
नवरात्र की पूर्व संध्या पर रंग-बिरंगी झालरों से सजा देवी मंदिर। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी। वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ शनिवार से हो गया। इस दौरान भक्त आदि शक्ति की उपासना में लीन होकर उनको प्रसन्न करेंगे। साथ ही उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इससे पूर्व शुक्रवार को दुर्गा मंदिरों की साफ-सफाई की गई। साथ ही विशेष तरह के रंगीन झालरों से सजाया गया। उधर, बाजार में भी काफी भीड़ रही। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता के लिए शृंगार का सामान, चुनरी, नारियल, मिठाई, फल, फूल, हवन सामग्री, कपूर, अगरबत्ती आदि की खरीदारी की। नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं, घरों में कलश स्थापना और पूजा-अर्चना की तैयारियां पूरी कर ली गई है।
विज्ञापन

इस दौरान पं. मुनेश उपाध्याय ने बताया कि माता शैलपुत्री सौभाग्य व शांति की देवी मानी जाती हैं। नवरात्र में विशेष तौर पर माता के दरबार में मनोकामना अवश्य पूरी होती है। नवरात्र दो अप्रैल से 9 अप्रैल तक रहेंगे। नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के पाठ, दुर्गा चालीसा, देवी मंत्र के जाप करना विशेष महत्व माना गया है। बारह हजारी स्थित दुर्गा मंदिर में श्रद्धालु की भारी भीड़ लगती है। नवरात्र में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस दौरान शहर के श्रद्धालु जुटते हैं। इस दौरान सुबह और शाम की आरती का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहां दर्शन पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बड़ा तालाब स्थित देवी में मंदिर में भी भक्तों भारी भीड़ होती है।
-----------------
पूजा का समय
ज्योतिषाचार्य पं. मुनेश उपाध्याय के अनुसार घट स्थापना का मुहूर्त दो अप्रैल को सुबह शुभ चौघड़िया सात बजकर 46 मिनट से 9 बजकर 20 मिनट तक व अभिजीत मुहूर्त 12.02 से 12.52 दोपहर तक, स्थिर लग्न 8.26 से 10.22 बजे तक है।
विज्ञापन

बाजारों में भी खरीदारी शुरू
नवरात्र को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू हो चुकी है। लोग बाजारों में पूजा के सामान की खरीदारी की। इस दौरान चुनरी, फूल मालाएं, शृंगार के सामान की काफी मांग रही।
------------------
श्रद्धालु बोले-सच्चे मन से पूजा-अर्चना से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
28 वर्षों से माता के मंदिर में पूजा करने आ रही हूं। यदि सच्चे मन से पूजा-अर्चना की जाए तो देवी मां उस व्यक्ति की मनोकामना अवश्य पूरी करतीं हैं। इसके अलावा घर में नवरात्र को लेकर तैयारियां चल रही हैं। शास्त्रों और पुराणों में नवरात्र में पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है। इसका फल अवश्य मिलता है।
-गीता, श्रद्धालु
-------------------
15 वर्षों से दुर्गा मंदिर में माता के दर्शन के लिए आ रही हूं। यहां कोई सच्चे मन आता है, वह खुशियों की झोल भर ले जाता है। पूजा करने से मुसीबत कम होती है। साथ ही मन भी शांत रहता है। मां के प्रति अपार श्रद्धा है। मनुष्य को पूजा कर्म नित्य करना चाहिए। देवी मंदिरों में नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है।
-मीना, श्रद्धालु
-----------------
देवी मां के प्रति श्रद्धा काफी श्रद्धा है। बारह हजारी स्थित देवी मां का मंदिर काफी प्रचलित मंदिर माना जाता है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। मंदिर में 35 वर्ष से दर्शन करने आ रही हूं। यहां हमारी महिला मंडली है, जो मां की सेवा में लगी हुई हैं।
-ममता, श्रद्धालु
----------------
नवरात्र में भजन कीर्तन महिला मंडली द्वारा होते हैं। सुबह के समय में आरती होती है, जो विशेष रूप से की जाती है। स्थानीय लोगों में मंदिर में माता के प्रति अपार श्रद्धा है। मान्यता है कि बाहर हजारी मंदिर में कोई भी व्यक्ति सच्चे मन से पूजा करता है तो उसकी मनोकामना जरूरी पूरी होती है। ऐसा है कि माता के दरबार से कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं जाता है।
कांता, श्रद्धालु
------------------
नवरात्र में पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व है। इन नौ दिनों में 9 देवियों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवमी के दिन कन्या पूजन होता है। नवरात्र में दुर्गा सप्तशती व दुर्गा चालीसा के पाठ करने का विशेष फल मिलता है। नवरात्र 2 से 9 अप्रैल तक रहेंगे।
विज्ञापन

-पं. मुनेश उपाध्याय, ज्योतिषाचार्य
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें