रेवाड़ी। जिले में डी-प्लान (जिला योजना) 2024-25 के तहत आए हुए रुपयों से अब विकास कार्यों को गति मिलेगी। इसके लिए प्रशासन की तरफ से टेंडर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वर्ष 2024-25 में जिले में डी-प्लान के तहत 14 करोड़ 20 लाख 56 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहीं, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इन विकास कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
पिछले साल 2023-24 में डी-प्लान के अंतर्गत 6 करोड़ एक लाख 75 हजार रुपये की राशि सामुदायिक विकास कार्यों के लिए पंचायती राज, नगर परिषद व अन्य विभागों को जारी की गई थी। खास बात यह है कि इस बार 8 करोड़ 52 लाख 34 हजार की राशि को सामान्य वर्ग के लिए व 5 करोड़ 68 लाख 22 हजार रुपये अनुसूचित वर्ग के सामुदायिक विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। गलियों और नालियों के निर्माण पर 30 प्रतिशत और शिक्षा, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, सिंचाई, खेल, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण आदि पर 70 प्रतिशत राशि खर्च की जाएगी। 30 प्रतिशत राशि सड़क व सीवर निर्माण पर खर्च होगी।
जुलाई 2024 में हुई थी जिला विकास एवं निगरानी की बैठक
बता दें कि जुलाई 2024 में जिला विकास और निगरानी समिति की बैठक हुई थी। बैठक में पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा भी मौजूद थीं। डी- प्लान के तहत होने वाले कार्यों को लेकर विधायकों, सांसद, चेयरमैन और अन्य जनप्रतिनिधियों से उनके द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों की सूची मांगी गई थी। अब इन कार्यों के एस्टीमेट तैयार करवाकर टेंडर लगाने का कार्य शुरू हो चुका है
समय पर राशि खर्च करना होता है जरूरी, नहीं तो होगी लैप्स
डी-प्लान के तहत मिलने वाली राशि को समय पर खर्च करना भी जरूरी होता है। दरअसल, वर्ष 2016-17 में 7 करोड़ 10 लाख रुपये की ग्रांट आई थी। तब कुछ बची हुई राशि विकास कार्य नहीं होने से लैप्स होनी बताई गई थी। स्थानीय स्तर पर भी इसका मुद्दा उठाया गया था। हालांकि, तब प्रशासन का कहना था कि पैसे सभी खर्च किए जा चुके हैं। वर्ष 2017-18 में 6 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि ग्रांट के तौर पर आई थी। तब 30 नवंबर तक इस राशि में से महज 36 लाख 37 हजार रुपये का ही हिसाब दिखाया गया था, उस वक्त ज्यादातर कार्य तो शुरू भी नहीं हो पाए थे। अभी भी जो टेंडर लगे हैं वह दिसंबर माह में ही पूरे होंगे।
क्या होता है डी प्लान
सरकार द्वारा हर साल जिले में विभिन्न विकास कार्य करवाने के लिए डी-प्लान के तहत ग्रांट दी जाती है। पहले साल में दो-दो बार ग्रांट आती थी, लेकिन अब सरकार द्वारा एक बार ही ग्रांट भेजी जाती है। डी-प्लान की ग्रांट को 31 मार्च तक खर्च करना होता है। जिला प्रशासन डी-प्लान के तहत मिली ग्रांट से गांवों व शहर में उन कार्यों पर राशि खर्च करता है, जो जरूरी होते हैं, लेकिन सरकार ऐसे कार्यों के लिए अलग से कोई ग्रांट या बजट जारी नहीं करती है। 31 मार्च से पहले कार्य खत्म होने आवशयक हैं और 10 मार्च से पहले भुगतान होना चाहिए।
वर्जन
डी-प्लान के तहत टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बार नगर परिषद के अंतर्गत डी-प्लान के तहत 20 से अधिक कार्य होंगे। कई विकास कार्यों के टेंडर लग चुके हैं। इस योजना के तहत जो कार्य होता है, वह एडीसी के अंतर्गत होता है।
-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
डी-प्लान वर्ष 2024-25 के तहत लगे टेंडर
-बोलनी ब्लॉक धारूहेड़ा में स्कूल के पास जोहड़ की चारदीवारी का निर्माण 8.33 लाख से
-गांव रालियावास में खेल मैदान की चारदीवारी और ट्रैक मैदान 9.15 लाख से
-गांव खरकड़ा में खेल मैदान में हॉल का निर्माण 7.54 लाख से
-ग्राम नंदरामपुर बास में वीकेसी की चारदीवारी का निर्माण 4.59 लाख से
-गांव बगथला में लाईब्रेरी के लिए नए कमरे का निर्माण 7.10 लाख से
-धारूहेड़ा के हरिनगर में जगत करियाना स्टोर से हेड ऑफ अनिल तक आईपीबी रास्ते का निर्माण 6.53 लाख से
-हरिनगर में चरण सिंह से बने लाल तक आईपीबी रास्ते का निर्माण 2.11 लाख से
-धारूहेड़ा में सेक्टर-4 के पास आईपीबी टाइल्स बिछाने का कार्य 5.30 लाख से
-धारूहेड़ा में वार्ड संख्या-2 के सेक्टर में 2 लोहे के गेट (प्रवेश और निकास बिंदु) का निर्माण 6.99 लाख से
-डूंगरवास में किशन मंदिर तालाब की ओर से गंदे पानी की निकासी के लिए सीसी पाइपलाइन बिछाने का कार्य 5.84 लाख से
-गांव जड़थल में सतीश के ट्यूबवेल से राजेंद्र के ट्यूबवेल की और रास्ते का निर्माण 8.38 लाख से
-ततारपुर खालसा में आर्य समाज मंदिर के पास पुराने तालाब की चारदीवारी का निर्माण 7.55 लाख रुपये