रेवाड़ी में कूड़ा मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर में डाला जा रहा है, तीन दिन पूर्व सेंटर की दीवार तीन दिन पूर्व भरभराकर गिर गई, जिससे लोग सेंटर ककी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाने लगे है। वहीं दीवार गिरने से आसपास रहने वाले परिवारों के बच्चे भी बाल-बाल बच गए थे।
रेवाड़ी में जगन गेट चौकी के समीप नगर परिषद की ओर से बनाए गए एमआरएफ सेंटर की दीवार गिरने एवं कूड़ा डालने के विरोध में सोमवार सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों ने डंपिंग यार्ड के गेट पर धरना शुरू कर दिया। नप प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने यार्ड में खड़े डंपर व जेसीबी मशीनों को भी नहीं निकलने दिया। प्रदर्शन की सूचना के बादपुलिस व नगर परिषद कर्मचारी पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग दीवार बनवाने व कूड़ा हटाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद मौके पर पहुंचे मुख्य सफाई निरीक्षक के आश्वासन के बाद लोगों ने धरना खत्म किया।
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करीब दो घंटे बाद कूड़ा उठवाने व दीवार बनाने के आश्वासन के बाद खम किया धरना
रेवाड़ी में कूड़ा मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर में डाला जा रहा है, तीन दिन पूर्व सेंटर की दीवार तीन दिन पूर्व भरभराकर गिर गई, जिससे लोग सेंटर ककी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाने लगे है। वहीं दीवार गिरने से आसपास रहने वाले परिवारों के बच्चे भी बाल-बाल बच गए थे। सोमवार को सुबह से स्थानीय लोगों विशेषकर महिलाओं ने एमआरएफ सेंटर के गेट पर पहुंचना शुरू कर दिया।
तीन दिन पूर्व गिर गई
लोगों ने सेंटर के गेट पर धरना शुरू कर दिया तथा नप प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने कहना था कि कूड़ा डाले जाने से आसपास के लोगों का जीना दुस्वार हो गया है। यहां का माहौल बदबूदार बना हुआ है। कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए है। लोगों का आरोप था कि एक साल पूर्व बनाई गई दीवार भी तीन दिन पूर्व गिर गई थी, जिसमें आसपास खेल रहे बच्चे बाल-बाल बच गए। ऐसे में दीवार की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे है। मौके पर पहुंचे मुख्य सफाई निरीक्षक संदीप कुमार ने कहा कि शाम तक दीवार बनवा दी जाएगी। इसके अलावा जल्द ही कचरा भी उठवा दिया जाएगा।