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रेवाड़ी: यूनिफॉर्म नहीं पहनने पर शिक्षिका ने छात्र को डंडे से पीटा, दर्द से रातभर कराहता रहा

Wed, 23 Feb 2022 02:17 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

यह सोमवार की घटना है। इसमें जिला महिला व बाल संरक्षण अधिकारी ने घटना का संज्ञान लिया है। कार्यालय में आरोपी शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन को तलब किया गया और लिखित माफीनामा लिया।
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अभिभावक रवी सैनी, चोट के निशान दिखाता बच्चा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले के एक निजी स्कूल में सोमवार को एक छात्र को यूनिफॉर्म नहीं पहनना महंगा पड़ गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एक शिक्षिका ने छात्र को बेरहमी से डंडे से पीटकर घायल कर दिया। इसके बाद छात्र अपने घर चला गया। सोमवार की देर रात में तेज दर्द के कारण कराहने लगा और उसकी तबीयत बिगड़ गई।

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इसपर परिजन उसे चिकित्सक पास ले गए, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुई। परिजन मंगलवार को स्कूल पहुंचे और शिक्षिका की शिकायत प्रबंधन से की। आरोप है कि प्रबंधन की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में मामले की जानकारी जिला महिला व बाल संरक्षण अधिकारी को दी गई। इस पर उन्होंने स्कूल प्रबंधन और आरोपी शिक्षिका को तलब किया। साथ ही लिखित माफीनामा भी लिया है।   

शहर के मोहल्ला संघी का बास निवासी रमन एक निजी स्कूल का छात्र है। सोमवार को वह किसी कारणवश बिना स्कूल यूनिफार्म के ही स्कूल में पहुंच गया था। इस पर स्कूल की शारीरिक शिक्षा की शिक्षिका ने छात्र को डंडे से पीटकर घायल कर दिया। इसके बाद स्कूल की छुट्टी होने पर वह घर चला गया। सोमवार की देर रात वह दर्द से कराहने लगा और उसकी तबीयत बिगड़ गई। किसी तरह उसे रात में चिकित्सक को दिखाया गया, जहां उपचार के बाद उसे राहत मिली। 
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परिजन मंगलवार को शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद वे जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी दीपिका को एक लिखित शिकायत दी। इस पर अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में तलब किया। साथ ही संबंधित स्कूल के चेयरमैन, प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षिका को आड़े हाथ लिया।

संबंधित शिक्षिका को यह भी बताया गया कि किसी भी सूरत में किसी बच्चे की पिटाई नहीं की जा सकती। इसके बाद संबंधित शिक्षिका ने इस घटना के लिए लिखित तौर पर माफी मांगी, जो उस निजी स्कूल के प्रिंसिपल की मौजूदगी में अधिकारी को दी गई। उधर छात्र के अभिभावक ने मामले में आपसी समझौता करने की बात सामने आने के बाद एक दिन की मोहलत मांगी है। 

शिक्षिका को व्यवहार सुधारने और दोबारा गलती नहीं करने की दी चेतावनी 

मामले में स्कूल प्रबंधन को कार्यालय में तलब किया गया था। ऐसे मामले को देखने वाली कमेटी के सामने दोनों पक्षों ने अपने पक्ष रखे। छात्र की पिटाई करने की शिकायत सही पाई गई। संबंधित शिक्षिका को एक दिन के लिए स्कूल में सेवा देने पर रोक लगा दी गई है। इस दिन कमेटी की ओर से शिक्षिका को किशोरों से संबंधी कानूनी प्रावधान और नियम, उप नियमों के अलावा पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही भविष्य में शिक्षिका को व्यवहार सुधारने और दोबारा गलती नहीं करने की चेतावनी दी गई है। लिखित में माफीनामा भी लिया गया है। प्रिंसिपल ने स्कूल में सर्कुलर निकालकर उसे चस्पा कराने तथा अन्य शिक्षकों को इस संबंध में जानकारी देने का आश्वासन दिया है। -दीपिका, जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी। 


स्कूल प्रिंसिपल का व्यवहार बहुत ही खराब रहा

मेरा बेटा शहर के निजी स्कूल की कक्षा छह का छात्र है। उसकी स्कूल यूनिफार्म तंग हो गई थी इसलिए सोमवार को वह यूनिफार्म पहनकर स्कूल नहीं जा सका। इसी बात पर एक शिक्षिका ने उसकी डंडे से पिटाई कर दी। हमने बच्चे के शरीर पर चोट के निशान देखे, तब प्रिंसिपल से हमने बात की। प्रिंसिपल का व्यवहार बहुत खराब महसूस हुआ। आपसी समझौता के लिए एक दिन का समय मांगा हुआ है। -रवि सैनी, पीड़ित छात्र का पिता  


मामला गंभीर, कार्रवाई के दिए निर्देश

यह गंभीर मामला है। ऐसा किसी सूरत में भी नहीं होना चाहिए। मीडिया के माध्यम से यह मामला मेरी जानकारी में आया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। - नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी। 


आरोपों को बताया निराधार 

स्कूल में ऐसी घटना हुई है। अभिभावक गलत आरोप लगा रहे हैं। मंगलवार की सुबह अभिभावक हमारे पास आए थे। हमारी उनसे इस मामले में बात हुई थी। शिक्षिका ने प्रार्थना के वक्त डंडा मारा, ऐसी बात अभिभावक कह रहे हैं। एक सरकारी कार्यालय से भी फोन आया था। वहां हम गए थे। हमारी बात हुई है, मगर अभी समझौता नहीं हुआ है। -हरिकिशन यादव, प्रिंसिपल। 


मुझे इंसाफ चाहिए  
स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि उन्होंने छात्र के शरीर पर कोई निशान नहीं देखे हैं। उधर अभिभावक ने कहा कि कमेटी के सामने निशान दिखाए गए। प्रिंसिपल झूठ बोल रहे हैं, कमेटी को स्कूल की सीसीटीवी फुटेज निकालकर देखनी चाहिए। हमें अपने बच्चे के लिए इंसाफ चाहिए ताकि भविष्य में किसी दूसरे बच्चे के साथ ऐसा ना हो।  

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