हरियाणा के रेवाड़ी में सेवानिवृत्त एसडीओ रोशनलाल हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डाॅ. सुशील कुमार गर्ग की कोर्ट ने शुक्रवार को को दो महिलाओं सहित 11 लोगों को हत्या, हत्या के प्रयास व डकैती के मामले में सजा सुनाई है।
अदालत ने 9 दोषियों को आजीवन कारावास व दो महिलाओं को 3-3 साल कैद की सजा दी है। दोषियों पर 1.26 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में कोर्ट ने तीन दिन पहले एक आरोपी को बरी भी कर दिया था।
31 दिसंबर 2019 की रात शहर के मोहल्ला हंस नगर के रहने वाले बिजली निगम के सेवानिवृत्त एसडीओ रोशनलाल के घर में डकैतों ने हमला बोल दिया था। दीवार फांदकर घुसे बदमाशों ने टीवी देख रहे रोशन लाल व उनकी पत्नी का बंधक बना लिया था। इस दौरान रोशन लाल ने बदमाशों का डटकर मुकाबला भी किया था।
डकैतों ने रोशन लाल व उनकी पत्नी गुलाब देवी से मारपीट की थी। बदमाशों ने पीट-पीटकर रोशन लाल की हत्या कर दी थी और घर से 3 लाख रुपये की नकदी व सोने-चांदी के जेवरात लूट कर फरार हो गए थे। रामपुरा थाना पुलिस ने एक जनवरी 2020 को हत्या, हत्या का प्रयास व डकैती का मामला दर्ज किया था।
इन आरोपियों को सुनाई गई सजा
पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। पुलिस ने अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को अदालत ने रेवाड़ी की खड्डा बस्ती निवासी रिंकू उर्फ कालिया, गांव रामपुरा निवासी रवि उर्फ मटलू व सचिन उर्फ कपिल, नरेला (दिल्ली) के बाकनेर निवासी हारून उर्फ समीर, सुलेमान नगर निवासी महेश उर्फ टोडा, सुलतानपुरी निवासी अर्जुन व सूरज उर्फ पाले और पानीपत के गांव सिवाह निवासी आरिफ व विक्की उर्फ सोनू उर्फ इरफान को आजीवन कारावास तथा दो महिलाओं जुबेदा और सोनिया को 3-3 साल कैद की सजा दी है।