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रक्षा मंत्रालय का लिपिक लापता: डायरी में लिखा मिला- मेरी वीडियो बना मांगी जा रही मंत्रालय से जुड़ी अहम जानकारी

Sat, 01 Oct 2022 09:20 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

परिजनों को अंदेशा है कि सुभाष को हनीट्रैप में फंसा कर ब्लैकमेल किया जा रहा था। ब्लैकमेल कर रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज मांगने वाले किसी आतंकी संगठन से भी जुड़े हो सकते हैं। 
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लापता लिपिक सुभाष चंद्र का फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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दिल्ली के रक्षा मंत्रालय में एमटीएस में कार्यरत धामलावास गांव निवासी लिपिक लापता हो गया है। वह शुक्रवार की सुबह दिल्ली जाने के लिए अपनी स्कूटी लेकर निकला था। उसके बाद न तो व ड्यूटी पर पहुंचा और न ही घर लौटा। लिपिक की स्कूटी शहर के बस स्टैंड पर लावारिस अवस्था में मिली है।

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स्कूटी में मिली डायरी में लिपिक ने लिखा है कि उस्मान नाम का व्यक्ति उससे रक्षा मंत्रालय से जुड़ी अहम जानकारियां मांग रहा है। इससे अंदेशा है कि सुभाष चंद्र के साथ कुछ अनहोनी न हो गई हो। सुभाष के भाई सतेंद्र ने शनिवार को रामपुरा थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं शनिवार शाम को परिजनों ने ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार से भी मुलाकात की और  जांच के लिए एसआइटी गठित करने की मांग की।

पुलिस को दी शिकायत में भाई सतेंद्र व पिता जंगलीराम ने बताया कि उनका बेटा सुभाष चंद्र रक्षा मंत्रालय में क्लर्क हैं। वह शुक्रवार की सुबह घर से ड्यूटी पर गए थे, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। पुलिस के अनुसार लिपिक का मोबाइल हांसाका गांव के पास स्विच आफ हो गया।
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बस स्टैंड पर स्कूटी खड़ी कर वह पैदल ही बाहर आए हैं और एटीएम से उन्होंने 10-10 हजार रुपये की तीन ट्रांजेक्शन कर तीस हजार रुपये भी निकाले हैं। उसके बाद वह बस स्टैंड में आए। यह पूरी गतिविधि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई है।

स्कूटी से मिली डायरी में सुभाष चंद्र ने लिखा है कि कुछ लोगों ने उसकी वीडियो बना रखी है और रक्षा मंत्रालय से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी मांग रहे हैं। डायरी में किसी उस्मान नाम के व्यक्ति का भी जिक्र है। डायरी में सुभाष ने लिखा है कि साउथ के एक हैकर ने उसके आधार कार्ड में नाम आदि और बायोमेट्रिक में भी फिंगरप्रिंट बदल दिए हैं।

परिजनों ने स्कूटी से मिली डायरी पुलिस को सौंप दी है। परिजनों को अंदेशा है कि सुभाष को हनीट्रैप में फंसा कर ब्लैकमेल किया जा रहा था। ब्लैकमेल कर रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज मांगने वाले किसी आतंकी संगठन से भी जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने इस बारे में रक्षा मंत्रालय को भी सूचित किया है।
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परिजनों की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी के फूटेज खंगाले जा रहे हैं। वहीं फोन कॉल की डिटेल भी निकलवाई जा रही है। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। -शिवचरण, थाना प्रभारी रामपुरा।

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