एसीजेएम की कोर्ट ने एक चेक बाउंस मामले में दोषी झज्जर निवासी सुशील कुमार को दो साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर चार लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। वहीं तय हर्जाना नहीं भरने की स्थिति में तीन महीने की सजा और बढ़ाने के आदेश दिया हैं। साढ़े चार साल तक कोर्ट में चले मामले में शिकायतकर्ता धर्मसिंह को न्याय मिलने पर परिजनों ने कोर्ट का आभार जताया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में गांव बोहतवास अहीर निवासी धर्म सिंह ने सुशील कुमार को 6 महीने के लिए दो लाख रुपये उधार दिए थे, लेकिन धर्मसिंह ने पैसे नहीं लौटाए। धर्मसिंह के बार-बार पैसे देने के लिए दबाव डालने के बाद सुशील कुमार ने दो लाख रुपये का चेक धर्म सिंह को दिया।
चेक बैंक में जमा करने पर पता चला कि खाते में पैसे नहीं हैं। इसके बाद धर्मसिंह ने सुशील कुमार से फिर संपर्क किया और चेक बाउंस होने की बात कही, तो सुशील कुमार ने एक-दो महीनों में बैंक में पैसे आने के बाद उधार ली हुई पूरी रकम लौटाने की बात कही।
दो महीने बाद धर्मसिंह ने फिर से चेक बैंक में लगाया तो फिर से बैंक वालों ने खाते में दो लाख रुपये नहीं होने की बात कहकर चेक वापस लौटा दिया। झूठे दिलासों व बहानों से तंग आकर धर्मसिंह ने कोर्ट में केस फाइल किया था। साढ़े चार साल तक कोर्ट में चले इस मामले में एसीजेएम योगेश चौधरी ने सुशील कुमार को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा व चार लाख का हर्जाना लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी सुशील कुमार के पास पैसे लौटाने के लिए काफी समय था, लेकिन उसने पैसा नहीं लौटाया।