रेवाड़ी के गांव जैनाबाद निवासी एक युवक को राजस्थान में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक ने साढ़े 8 लाख रुपये ठग लिए। राजस्थान में युवक को न नौकरी मिली और न ही उसके पैसे वापस मिले। पीड़ित ने एसपी को इसकी शिकायत दी। एसपी के आदेश पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गांव जैनाबाद निवासी चेतन सिंह ने बताया कि वह 2017 से 2019 के बीच राजस्थान के अलवर में एक डिफेंस एकेडमी में पढ़ता था। यहां पर अकसर मूलरूप से गांव बलवाड़ी निवासी, फिलहाल अलवर में रहने वाले डा. अरुण कुमार से मुलाकात हो गई। अरुण ने अलवर में खुद का कोचिंग सेंटर खोला हुआ है। वह बच्चों को ओपन से ग्रेजुएशन कराते थे।
पुलिस को दी शिकायत में चेतन ने बताया कि वर्ष 2021 में डा. अरुण ने उसे बताया कि राजस्थान में करीब 3 हजार ग्राम विकास अधिकारी की नौकरी निकली है! जिसमें वह उसे भी नौकरी लगवा देगा, लेकिन इसकी एवेज में उसे साढ़े 8 लाख रुपये देने होंगे। चेतन ने इसके बारे में अपने घर बात की। उसके दादा मैनपाल ने डा. अरुण से बात की और फिर उसे 21 दिसंबर 2021 को रेवाड़ी स्थित आईडीबीआई बैंक की शाखा से अरुण कुमार के अकाउंट में साढ़े 8 लाख रुपये डाल दिए।
चेतन ने बताया कि इसके बाद आरोपी उसे दौसा ले गए। उसका सेंटर जयपुर में आया था। उसने पेपर भी दिया, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगी। रिजल्ट आने के बाद उसने अरुण से संपर्क किया तो उसने पैसे वापस लौटाने की बात की, लेकिन पैसे वापस नहीं दिए। चेतन ने बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि आरोपी पेपर लीक करने वाले गिरोह से जुड़ा है! और उसका एक साथी पेपर से पहले ही राजस्थान पुलिस ने पकड़ा था।
चेतन ने बताया कि उसने पैसे वापस लेने के लिए काफी बार डा. अरूण को फोन किए। उसके दादा ने भी फोन किया, लेकिन उसने फोन ही नहीं उठाया। उसने लगातार व्हाट्सअप पर डा. अरूण को मैसेज भेजे। कई बार उसने मैसेज का जवाब देते हुए पैसे लौटाने की बात की, लेकिन एक रुपया भी नहीं दिया। चेतन ने इसकी शिकायत रेवाड़ी एसपी को दी। एसपी के आदेश पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है!