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रेवाड़ी: पत्नी व बेटी की हत्या कर दो दिन तक शवों के पास रहा था दिनेश, आर्थिक तंगी के कारण करना चाहता था आत्महत्या

Tue, 10 May 2022 08:10 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

शहर के कृष्णानगर मोहल्ले में चार मई को हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि वह हत्या के बाद आत्महत्या करना चाहता था, लेकिन करने की हिम्मत नहीं कर पाया और दो दिन तक वहीं कमरे में रहा।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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हरियाणा के रेवाड़ी शहर के कृष्णा नगर मोहल्ले में पत्नी और बेटी की हत्या करने के बाद आरोपी दिनेश डाबरा दो दिन तक कमरे में शवों के पास रहा। चार मई को घटना को अंजाम देने के बाद वह छह मई को फरार हुआ था। वह आर्थिक तंगी के कारण परिवार की हत्या कर खुद आत्महत्या करना चाहता था। यह खुलासा सोमवार की शाम अपने पैतृक गांव शेखपुरा जागीर, करनाल से गिरफ्तार आरोपी दिनेश डाबरा ने पुलिस की पूछताछ में किया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। 

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छह मई को मॉडल टाउन थाना पुलिस ने मोहल्ला कृष्णा नगर स्थित एक मकान की तीसरी मंजिल पर स्थित  कमरे से करनाल के गांव शेखपुरा जागीर निवासी रुबीना उर्फ साक्षी और उसकी चार साल की बेटी अवनी के शव बरामद किए थे। दोनों के गलों पर निशान भी मिले थे। पुलिस को छत पर लगी पाइप के हुक से लटक रही बेड और दुपट्टे भी बरामद किया था।

 

शेखपुरा जागीर निवासी बशीर ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि रुबीना ने 2016 में गांव के दिनेश डाबरा से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद धर्म परिवर्तन कर साक्षी बन गई थी। रुबीना ने अपनी मां को दिनेश की ओर से मारपीट व परेशान करने की जानकारी दी थी। तीन मई को भी रुबीना ने अपनी मां को फोन किया था। बशीर ने दिनेश डाबरा पर दोनों की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी।

चार मई को की थी हत्या  
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी दिनेश लगातार अपनी जगह बदल रहा था। सोमवार को पुलिस ने आरोपी दिनेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दिनेश ने बताया कि वह बावल स्थित कंपनी में ऑपरेटर था। उसने कंपनी से ऋण और कई बैंकों से लोन लिया था। प्रेम विवाह करने के बाद उसके व साक्षी के परिजन नाराज थे। किसी से कोई संपर्क नहीं था। वह एक-एक रुपये के लिए मोहताज हो गया था।

 

आर्थिक तंगी के कारण वह परिवार के साथ आत्महत्या करना चाहता था। चार मई को उसने दुपट्टे से गला घोंट कर पत्नी साक्षी और उसके बाद बेटी अवनी की हत्या कर दी। वह खुद भी आत्महत्या करना चाहता था, लेकिन उसी दौरान मकान मालकिन के आने की आवाज सीढ़ियों में आने लगी। इसके बाद वह कमरे से बाहर आ गया। वह आत्महत्या करने की हिम्मत नहीं कर पाया और दो दिन तक वहीं कमरे में रहा। छह मई को वह कमरे से फरार हो गया।

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