अगस्त के अंतिम सप्ताह तक विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आशंकित हैं, लेकिन लोगों को ज्ञान का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ही कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारियों के भवन से सटे शहर के भाड़ावास गेट के पास स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बैंच तो दूर बिना टाट-पट्टी के जमीन पर विद्यार्थियों की कक्षा लगी हुई दिखाई दी। वहीं जब स्कूल प्रिंसिपल से बात हुई तो उन्होंने बताया कि स्कूल में बैंच सर प्लस है, ऐसे में नीचे बैठाकर पढ़ाने का मतलब नहीं बनता है। लेकिन जब उनको फोटो भेजी गई तो कार्रवाई की बात कहने लगे। ऐसे में सवाल है कि जब जिला शिक्षा अधिकारियों की नाक के नीचे इस तरह के हालात है तो खंड स्तर पर स्थिति क्या होगी समझने के लिए पर्याप्त है।
कोविड की दूसरी लहर से पहले स्कूलों में सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे संक्रमित मिलने के बाद स्कूलों को बंद करना पड़ा था। स्कूल खोलने के दिन स्कूलों की ओर से गेट पर ही सामाजिक दूरी व मास्क के साथ थर्मल स्कैनिंग कर प्रवेश दिया गया। लेकिन अब एक बार फिर से लापरवाही बरती जा रही है, जो कि तीसरी लहर के संकेत कहे जा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि इस तरह की लापरवाही हुई तो तीसरी लहर कैसे रुकेगी। बता दें कि फतेहाबाद के एक स्कूल में 6 बच्चे संक्रमित पाए जा चुके हैं।
छुट्टी के समय बच्चों के चेहरों पर नहीं रहता मास्क
सरकारी स्कूलों की छुट्टी के दौरान पड़ताल की गई तो बावल रोड पर स्थित एक सरकारी स्कूल के बच्चों के चेहरों पर मास्क तक नहीं दिखाई दिया। वहीं ऐसे ही हालात निजी स्कूूलों में है, स्कूल बसों में बच्चे बिना मास्क आसानी से देखे जा सकते हैं। ऐसे में स्कूल संचालकों को ही नहीं, अभिभावकों को भी जागरूक होने की जरूरत है, ताकि बच्चों को तीसरी लहर से बचा जा सके। विशेषज्ञों की माने तो तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के चपेट में आने की आशंका है, ऐसे में जागरूकता व सावधानी ही बचाव है। क्योंकि बच्चों के लिए अभी तक वैक्सीन भी नहीं आई है।
स्कूूलों में इस तरह की लापरवाही गंभीर
कोविड नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि स्कूलों में नीचे बैठाकर पढ़ाई कराना गंभीर विषय है। तीसरी लहर से बचने के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, ऐसेे लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिक्षा विभाग को इस पर गंभीर होने की जरूतर है।
डॉ. विजय प्रकाश, कोविड नोडल अधिकारी।
बुधवार को एक स्कूल में निरीक्षण पर जाना पड़ा था, स्कूल में जररूत से ज्यादा बैंच हैं। नीचे बैठाकर पढ़ाने की जरूरत नहीं है। जिस अध्यापक ने बच्चों को नीचे बैठाकर पढ़ाया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टीसी यादव, प्रिंसिपल राजकीय बाल वरिष्ठ बाल माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी।