रेवाड़ी। तांबा और एल्युमिनियम की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर दिखाई देने लगा है। इन धातुओं से बनने वाले बिजली के उपकरणों की कीमतों में पिछले पांच महीनों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। कई उत्पाद महंगे होने से बाजार की मांग प्रभावित हुई है और ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं।
कारोबारियों के अनुसार तांबे की कीमत करीब 1,200 से बढ़कर 1,800 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर बिजली के तारों और अन्य इलेक्ट्रिकल उत्पादों पर पड़ा है। एक एमएम तार के बंडल की कीमत 1,100 रुपये से बढ़कर 1,650 रुपये हो गई है।
डेढ़ एमएम के बंडल का दाम 1,700 रुपये से बढ़कर 2,450 रुपये और ढाई एमएम के बंडल की कीमत 3,100 रुपये से बढ़कर 3,900 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह 48 इंच के पंखे की कीमत 1,200 रुपये से बढ़कर 1,450 रुपये हो गई है।
पानी की मोटरों के दाम में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आधा एचपी की मोटर, जो पहले 2,800 रुपये में मिलती थी, अब 4,500 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं दो एचपी की मोटर की कीमत 8,000 रुपये से बढ़कर 10,000 रुपये हो गई है।
व्यापारियों का कहना है कि तांबे के साथ-साथ एल्युमिनियम की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत भी बढ़ गई है। कच्चे माल के महंगा होने के कारण ब्रांडेड कंपनियों के अलावा स्थानीय निर्माता भी उत्पादों की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं।
तांबे की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण बिजली के तार, पानी की मोटर और अन्य इलेक्ट्रिकल सामान महंगे हो गए हैं। इन उत्पादों में तांबे का व्यापक उपयोग होता है, इसलिए लागत बढ़ने का सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। बढ़ी हुई कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं जिससे बाजार में मंदी का माहौल है।
- विक्की, बावल चौक इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
पानी की मोटर पहले करीब 3,500 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब लगभग 4,500 रुपये हो गई है। इसके अलावा बिजली के तार, स्विच-बटन और अन्य इलेक्ट्रिकल उत्पादों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- नवीन, सर्कुलर रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी